पत्नी को आत्महत्या को उकसाने के आरोपी को सात सात की सजा
रुद्रपुर। सितारगंज के शक्तिफार्म में तीन साल पहले पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी पति को तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।ग्राम गोविंदनगर पाड़ागांव शक्तिफार्म निवासी अरुण वैरागी की शादी 2010 में गुड़िया कॉलोनी बहेड़ी निवासी अलका के साथ हुई थी। 14 फरवरी 2021 को सितारगंज कोतवाली में अलका के भाई प्रशांत मंडल ने तहरीर दी। कहा कि अरुण उसकी बहन पर गलत काम करने का दबाव बनाता था। इसके चलते कई बार अलका मायके आ जाती थी।
एक महीने पहले भी अलका ने मायके में आकर उसे ससुराल में जान का खतरा बताया था। लेकिन पंचायत होने और अरुण के माफी मांगने पर वह उसके साथ चली गई थी।
14 फरवरी 2021 की सुबह अलका के देवर वरुण वैरागी ने उसे फोन कर अलका के फांसी लगाने की सूचना दी थी। अंदेशा जताया था कि बहन की हत्या कर खुदकुशी साबित करने के लिए फंदे पर लटकाया गया था। पुलिस ने केस दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। इस मामले की सुनवाई तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने 17 गवाह पेश कर अरुण पर दोष सिद्ध कर दिया। कोर्ट ने धारा 506 आईपीसी में अरुण को दोषमुक्त कर दिया, लेकिन धारा 306 आईपीसी में दोषी पाते हुए अरुण को सजा सुनाई।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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