मानवीय संवेदनाओं पर हुए सवाल खड़े..पांच दिनों तक कमरे के भीतर सड़ती रही बुजुर्ग लाश, किसी ने पूछा तक नहीं
हल्द्वानी में बुजुर्ग महिला की पांच दिनों तक कमरे के भीतर लाश सड़ती रही लेकिन किसी ने इस बुजुर्ग के कमरे की ओर झांकने तक ठीक नहीं समझा। तड़प-तड़प कर महिला के मरने के बाद मानवीय संवेदनाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। एकता की बात करने वाले इंसानियत के समाज को इस घटना ने शर्मसार कर दिया है। रामपुर रोड निवासी मुन्नी देवी का पूरा जीवन संघर्ष से भरा रहा और अंत में मौत भी दर्दनाक हुई। पहले पति की मौत ने जीवन को संघर्षमय कर दिया और इसके बाद जवान बेटे के निधन ने बीमार मुन्नी के जीवन को पहाड़ सा मुश्किल कर दिया।
होमगार्ड की नौकरी से जैसे-तैसे उसने अपनी एक बेटी को पढ़ाया और उसके बाद किच्छा में उसकी शादी कर दी। सालों से वह रामपुर रोड में अकेली रह रही थी। ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी के कारण वह लगातार अस्वथ रहती थी। रोजाना दवाएं खाकर जीवन के आखिरी दिन बिता रही थी। पड़ोसी बताते हैं कि 10 जनवरी को वह आखिरी बार बाहर निकली। इसके बाद अगले चार-पांच दिनों तक वह नहीं दिखाई दी। बुधवार को महिला की लाश मिली तो इंसानियत की संवेदनहीनता भी सामने आई। होली-दीवाली व अन्य पर्व के मौके पर एकता की मिशाल देने वाले समाज ने बुजुर्ग महिला की मौत के बाद पोल खोलकर रख दी।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com

उत्तराखंड…15 साल नौकरी, फिर भी सिर्फ 8 हजार वेतन –मीक फार्मा में श्रमिकों का हंगामा, एचआर हेड पर गंभीर आरोप