आईटी मंत्रालय की यूट्यूब को सलाह, फर्जी समाचार चैनलों पर ‘असत्यापित’ डिस्क्लेमर लगाने को कहा
नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गूगल के स्वामित्व वाले यूट्यूब को फर्जी समाचार चैनलों के खिलाफ आवश्यक कानूनी उपाय शुरू करने और इस मुद्दे को प्रभावी ढंग से संबोधित करने के लिए एक डिस्क्लेमर शामिल करने के लिए कहा है। मंत्रालय ने एक अधिसूचना में यूट्यूब को फर्जी समाचार चैनलों पर समाचार सत्यापित नहीं है का डिस्क्लेमर लगाने की सलाह दी।
आईटी मंत्रालय ने 50 लाख से अधिक सदस्यों वाले प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को 10 दिन के भीतर एक कार्य योजना प्रस्तुत करने के लिए भी कहा है कि वे फर्जी समाचार और गैरकानूनी सामग्री से निपटने के लिए कैसे काम करेंगे। यूट्यूब ने इस महीने की शुरुआत में किसी भी प्रकार की बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) को हटाने या कड़ी कार्रवाई का सामना करने के लिए आईटी मंत्रालय के नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि उनके पास सीएसएएम और संबंधित सामग्री पर शून्य-सहिष्णुता नीति है।
यूट्यूब के एक प्रवक्ता ने बताया कि नाबालिगों को खतरे में डालने वाली कोई भी सामग्री उन्हें स्वीकार्य नहीं है। प्रवक्ता ने कहा, हमने बाल यौन शोषण और ऑनलाइन शोषण से लडऩे के लिए प्रौद्योगिकी और टीमों में भारी निवेश किया है और इसे जितनी जल्दी हो सके दूर करने के लिए कदम उठाए हैं।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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