हिंसा की आग में जल रहा मणिपुर, दंगाइयों को देखते ही गोली मारने का आदेश
नई दिल्ली। मणिपुर में आदिवासी आंदोलन के दौरान बुधवार हुई हिंसा की चपेट में आठ जिले आ गए। जिस कारण मणिपुर के हिंसाग्रस्त माहौल को देखते हुए प्रभावित इलाकों में दंगाइयों को देखते ही गोली मार देने के आदेश दे दिए गए हैं। राज्यपाल ने हिंसाग्रस्त इलाकों में दंगाइयों को देखते ही गोली मार देने के राज्य सरकार के फैसले को मंजूरी दे दी है। इससे पहले हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी गई थी। वहीं राज्य में अगले पांच दिनों के लिए इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है।
मणिपुर में असम राइफल्स की 34 और सेना की 9 कंपनियां तैनात हैं। इनके अलावा गृह मंत्रालय ने रैपिड एक्शन फोर्स की भी पांच कंपनियों को मणिपुर भेज दिया है। हालांकि, इसके बावजूद मणिपुर में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है।
बताया जा रहा है कि अब तक साढ़े सात हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया जा चुका है। हालात को देखते हुए आठ जिलों- इम्फाल वेस्ट, काकचिंग, थौबाल, जिरिबाम, बिष्णुपुर, चुराचांदपुर, कांगपोकपी और तेंगनौपाल में कफ्र्यू लगा दिया गया है। इसके अलावा, पूरे राज्य में अगले पांच दिन के लिए मोबाइल इंटरनेट को बंद कर दिया गया है, हालांकि, ब्रॉडबैंड सर्विसेस चालू रहेंगी।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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