बेरीनाग के ग्रामीणों ने बिना किसी सरकारी सहायता के बनाई दो किलोमीटर सड़क
काण्डे ( बेरीनाग) । पिथौरागढ़ ज़िले के बेरीनग तहसील के अन्तर्गत आने वाले ग्रामपंचायत काण्डे (धनतोली) के ग्रामीणों ने स्वयं वाहन आवागमन हेतु दो किलोमीटर तक सड़क खोदकर सरकार के मुँह में तमाचा मार दिया है । सड़क खुदाई में आने वाले लागत को सभी ग्रामीणों ने मिलकर उठाया है । ज्ञात रहे कि यहाँ ९९ प्रतिशत ग़रीब व पिछड़े वर्ग के परिवार हैं ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामपंचायत काण्डे के धनतौली गाँव में कुल 70 परिवार निवास करते हैं । जिसमे से 99 प्रतिशत पिछड़े और ग़रीब वर्ग के निवासी निवास करते हैं । इस गाँव में प्राइमरी प्राथमिक स्कूल भी है ।वाहन आवागमन हेतु सड़क की कोई सुविधा नहीं थी। कई बार यहाँ सरकारी सड़क की योजना आयी भी परंतु सड़क कभी नहीं बना ।
ग्रामीण कई वर्षों से सड़क की माँग करती रही पर सरकार ने कोई सुध नहीं ली । थक हार कर ग्रामीणों ने स्वयं निर्णय लिया कि थोड़ा थोड़ा आपस में कंट्रीब्यूट कर पैसा जमा किया और खुदाई शुरू कर दी । कुछ ही समय में ग्रामीणों ने वाहन आने जाने लायक़ दो किलोमीटर की सड़क सफलता पूर्वक बना डाली ।
सड़क के निर्माण के दौरान कुछ विघ्नसन्तोषी लोग कभी तहसीलदार तो कभी वनविभाग को शिकायत कर सड़क का काम रुकवाने की कोशिश भी की परन्तु ग्रामीणों की एकजुटता और परेशानी देखते हुये वे भी शांत ही रहे ।
देश तेज़ी से विकास की ओर बढ़ रहा है, परंतु उत्तराखण्ड में आज भी सैंकड़ों गाँव ऐसे है जहां तक अभी भी कोई सड़क नहीं हैं। सरकार को इस दिसा में गंभीरता से विचार करना होगा । जब हमने यहाँ के ग्रामीणों से बात की तो उनका कहना है कि सड़क तो हमने खोद दी परंतु डामरीकरण सरकार की मेहरबानी होगी तो हो ही जाएगी ।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com

UP…गरीबी बनी मौत की वजह! मासूम रेप पीड़िता को इलाज से ठुकराने वाले अस्पतालों पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त प्रहार
उत्तराखंड…36 लाख के गबन में डाकपाल दोषी —अदालत ने सुनाई तीन साल की सजा
उत्तराखंड…हाईकोर्ट का सख्त रुख : पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता अवमानना के दोषी –10 दिन में आदेश नहीं माना तो भुगतनी होगी सजा