श्री राम ने किया कुंभकर्ण का वध, कुंभकर्ण के अभिनय को दर्शकों ने सराहा

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कविता रावल
श्री महाकाली दरबार रामलीला मंचन के एकादश दिवस पर अंगद रावण को समझाते हैं वह नही मानते , तब सुग्रीव की अगवाई में युद्ध होता है, लक्ष्मण समस्त बानर सेना में जोश भरते हैं , राक्षसों की सेना की अगवाई इंद्रजीत करते हैं। लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच भयंकर युद्ध होता है मेघनाथ द्वारा लक्ष्मण पर ब्रह्मास्त्र चलाया जाता है और लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं लक्ष्मण को मूर्छित देखकर श्री राम विलाप करने लगते हैं और कहते हैं ” मैं रण में अकेला भैय्या , आंखें खोल खोल दिया । तब हनुमान जी सुषेन वैद्य को बुलाकर लाते हैं सुषेन वैद्य संजीवनी बूटी लाने को कहते हैं हनुमान पूरा पर्वत उठाकर लाते हैं जब वह अयोध्या के आसमान में पहुंचे हैं भरत और उनके बीच संवाद होता है ।

तत्पश्चात लक्ष्मण जीवित हो उठते हैं , तब रावण द्वारा कुंभकर्ण को जगाया जाता है कुंभकर्ण और रावण के बीच संवाद होता है श्री राम और कुंभकर्ण के बीच में संवाद के पश्चात श्री राम द्वारा कुंभकर्ण का वध किया जाता है । कुंभकर्ण के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। रामलीला देखने को भारी मात्रा में दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है । कमेटी के अध्यक्ष हेमराज रावल ने मुख्य अतिथि विधायक प्रतिनिधि कृष्ण सिंह बोहरा , प्रदीप पंत, हंस दत्त पाठक व रमेश बोरा को बैच अलंकृत कर सम्मानित किया । कुंभकर्ण का अभिनय मनोज उप्रेती, मेघनाथ कैलाश पंत व लक्ष्मण का अभिनय ऋषिकेश मेहरा ने किया ।

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