UKnews-माणा पास से औली तक दौड़ेंगे धावक -धामी ने किया 100 माइल्स अल्ट्रा रन का ऐलान

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-आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में सीएम ने बढ़ाया धावकों का उत्साह, 70 और 42 किमी दौड़ के विजेताओं को किया सम्मानित; सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और रोजगार बढ़ाने पर जोर

पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को गुंजी पहुंचकर आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में प्रतिभाग किया और देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे धावकों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने 70 किलोमीटर और 42 किलोमीटर की दौड़ के विजेताओं को सम्मानित करते हुए उनके साहस, संकल्प और जज्बे की सराहना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अगले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में माणा पास से बदरीनाथ और जोशीमठ होते हुए औली तक ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’ आयोजित करने की घोषणा की।

गुंजी हेलीपैड पहुंचने पर दर्जा राज्य मंत्री अशोक नबियाल, पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, भारतीय सेना, आईटीबीपी और एसएसबी के अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर रं समुदाय की ओर से उन्हें पारंपरिक पगड़ी ‘बैंटिलो’ और पुरुष परिधान ‘रंगा’ पहनाकर सम्मानित किया गया। पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिली।

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मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन केवल एक मैराथन नहीं, बल्कि शारीरिक क्षमता, आत्मविश्वास, इच्छाशक्ति और साहस की परीक्षा है। अत्यधिक ऊंचाई पर दुर्गम पहाड़ी रास्तों और बदलते मौसम के बीच दौड़ना बड़ी चुनौती है। उन्होंने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुरक्षित यात्रा और सफलता की कामना की।

उन्होंने भारतीय सेना, सशस्त्र सीमा बल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के अधिकारियों एवं जवानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और कड़ाके की ठंड के बावजूद सुरक्षा बल देश की सीमाओं की रक्षा करने के साथ आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

एक साल में दोगुने के करीब पहुंचे इनर लाइन परमिट

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष नवंबर में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन के पहले संस्करण में 700 से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया था। इसके बाद क्षेत्र में पर्यटकों और साहसिक खेलों के प्रति रुचि बढ़ी है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में आदि कैलाश क्षेत्र के लिए लगभग 36,500 इनर लाइन परमिट जारी किए गए थे, जबकि वर्ष 2026 में अब तक इनकी संख्या 67 हजार से अधिक हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने इसे सीमांत क्षेत्र में बढ़ते पर्यटन और राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र की मजबूत होती पहचान का संकेत बताया।

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सीमांत गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमांत गांवों को देश के अंतिम नहीं, बल्कि पहले गांव के रूप में विकसित करने का दृष्टिकोण दिया है। राज्य सरकार इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन जैसे आयोजन सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को गति दे सकते हैं। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होमस्टे संचालकों, पर्यटन गाइडों, परिवहन कारोबारियों और खानपान से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा। ऐसे आयोजन केंद्र सरकार के वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में भी सहायक हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी दिशा में इस वर्ष नीति घाटी में ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का आयोजन किया गया, जिसे व्यापक सराहना मिली। राज्य सरकार अल्ट्रा रन के साथ एंगलिंग, रिवर राफ्टिंग, कयाकिंग, ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेन साइक्लिंग और पर्वतारोहण जैसे साहसिक खेलों को भी प्रोत्साहित कर रही है।

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उन्होंने कहा कि औली की बर्फीली ढलानों से ऋषिकेश की गंगा तक और मुनस्यारी की ऊंची पर्वत चोटियों से टिहरी झील तक उत्तराखंड साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

मई के प्रथम सप्ताह में प्रस्तावित आयोजन, करीब 5,600 मीटर की ऊंचाई से शुरू होगी दौड़

पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अगले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’ आयोजित करने की घोषणा की। प्रस्तावित दौड़ लगभग 5,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माणा पास से शुरू होकर बदरीनाथ और जोशीमठ होते हुए औली तक पहुंचेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन से देश-विदेश के धावकों को उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, हिमालयी भूगोल और साहसिक खेलों की संभावनाओं से परिचित होने का अवसर मिलेगा। साथ ही सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

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