निराश्रित गौवंश के लिए गौशालाओं के निर्माण हेतु जिलाधिकारियों को भूमि चिन्हित किए जाने के निर्देश
देहरादून। मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य स्तर पर निराश्रित गोवंश के रहने के लिए गौशालाओं की उचित व्यवस्था के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने शहरों में निराश्रित गौवंश के लिए गौशालाओं के निर्माण किए जाने हेतु जिलाधिकारियों को भूमि चिन्हित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि योजना से पूरे प्रदेश को आच्छादित करना है। उन्होंने विशेषकर चारधाम यात्रा मार्ग में आने वाले शहरों में घूम रहे गौवंशों को गौशालाओं में रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग, नगर निगम और पशुपालन विभाग इस सम्बन्ध में अपने अपने निर्धारित कार्य करें, ताकि किसी प्रकार का संशय न हो।
मुख्य सचिव ने कहा कि गौशालाओं का संचालन एनजीओ के माध्यम से कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं में जानवरों को उठाने के लिए हाइड्रोलिक वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कहा कि इससे जानवरों को लिफ्ट करने में घायल होने से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी, नगर निगम, नगर पालिकाएं और नगर पंचायतें इस कार्य के लिए एनजीओ सहित भूमि की तलाश शुरू करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि गौशालाओं के लिए भूमि लीज पर दिए जाने का अधिकार जिलाधिकारियों को दिया जाएगा। पुरानी गौशालाओं के विस्तारीकरण और नई गौशालाओं के निर्माण के लिए जिलाधिकारी निर्णय ले सकेंगे। जिलाधिकारी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि नगर निगम, नगर पालिकाएं एवं नगर पंचायतें पूरी तरह से आच्छादित हो गई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान जहां बायोगैस बनाई जा सकती है, उन स्थानों में बायो गैस योजनाएं शुरू की जाएं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव नितेश झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम एवं अपर सचिव शहरी विकास नवनीत पाण्डेय सहित अन्य उच्चाधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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