अस्कोट की ऐतिहासिक रामलीला का 153वें वर्ष मे प्रवेश-

खबर शेयर करें 👉

अस्कोट : महेश पाल

अस्कोट की ऐतिहासिक रामलीला मंचन इस बार 153वें वर्ष मे प्रवेश कर चुकी है।अस्कोट पाल राजवंश के राजा पुष्कर पाल ने सन् 1868 ई. को करवाया था पहली बार मंचन की शुरुवात की थी।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  नेपाल में भीषण बाढ़ से तबाही -160 के करीब मौतें, 133 भारतीयों समेत 750 से ज्यादा लापता

उस समय रामलीला मंचन लकड़ी के छिलकों की रोशनी मे करायी जाती थी।रामलीला मंचन देखने दूर दराज से आये दर्शको के लिऐ राजपरिवार रैनागैर मैदान मे टैंट लगा कर रहने व खाने की ब्यवस्था की जाती थी।

छिलको की रोशनी से एलईडी लाईट तक के अद्भुत सफर का प्रतीक है अस्कोट की रामलीला मंचन का मंच।1894 मे राजपरिवार द्वारा इंग्लैंड से लालटेन मंगवाकर मंच मे रोशनी की ब्वस्था शुरु की थी फिर वक्त के साथ लाईट का चलन बड़ा।उस समय अल्मोड़ा,बरेली से ब्यापारी पहुंचते।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा -52 मरीज मिले, सभी जिलों में रैपिड रिस्पॉन्स टीम सक्रिय

कुंवर भानुराज और उनके पुत्र युवराज महिराज पाल ने किया इस बार मंचन का शुभारम्भ किया।पहले दिन नटी सूत्रधार और देवराज ईन्द्र के दरबार का मंचन दिखाया गया। आज होगा राम जन्म का मंचन।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119