सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद भी बागेश्वर में खनन को लेकर असमंजस -माइनिंग एरिया में मशीन चलने पर प्रशासन ने रोका कार्य

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बागेश्वर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जिले की 29 खड़िया खदानों को संचालित करने की अनुमति दिए जाने के बाद भी बागेश्वर जनपद में खनन को लेकर भ्रम और विवाद की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच भैरूचौबट्टा क्षेत्र में एक खनन पट्टाधारक द्वारा माइनिंग क्षेत्र में मशीन चलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया।

जिला प्रशासन को सूचना मिलते ही जिला खान अधिकारी नाजिया हसन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और खनन कार्य को तत्काल बंद करा दिया। साथ ही पट्टाधारक के खिलाफ प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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अभी तक स्पष्ट आदेश नहीं: जिला खान अधिकारी

जिला खान अधिकारी नाजिया हसन ने कहा कि खनन शुरू करने को लेकर अब तक किसी भी प्रकार का स्पष्ट या लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि पूर्व में जारी आदेशों के अनुसार खनन में प्रयुक्त मशीनें सीज की जा चुकी थीं, ऐसे में मशीनों का उपयोग कर खनन करना पूरी तरह अवैधानिक है।

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उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

पट्टाधारक की आपत्ति

दूसरी ओर खनन पट्टाधारक ने प्रशासन की कार्रवाई को गलत बताते हुए विरोध दर्ज किया है। उनका कहना है कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप ही खनन कार्य शुरू कर रहे थे और किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है। पट्टाधारक ने कहा कि प्रशासन ने बिना उचित आधार के कार्य रुकवाया है और वे इसके विरुद्ध शिकायत प्रकरण (कंप्लेंट केस) दायर करेंगे।

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अभी भी जारी है कानूनी स्थिति का असमंजस

जिले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश, हाईकोर्ट में लंबित प्रकरण और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के बीच खनन से संबंधित स्थितियाँ फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई हैं। प्रशासन का कहना है कि उच्च न्यायालय और शासन से स्पष्ट दिशानिर्देश मिलने के बाद ही खनन की गतिविधियों को अनुमति दी जाएगी।

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