उत्तराखंड…हाईकोर्ट का सख्त रुख : पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता अवमानना के दोषी –10 दिन में आदेश नहीं माना तो भुगतनी होगी सजा

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नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की एक निविदा प्रक्रिया में अदालत के आदेश की अवहेलना करने पर मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकल पीठ ने माना कि अधिकारियों ने न्यायालय के स्पष्ट आदेश का जानबूझकर पालन नहीं किया और बाद की परिस्थितियों का बहाना बनाकर आदेश को निष्प्रभावी करने का प्रयास किया।

मामला मेसर्स राम कृष्ण जयरा द्वारा विभाग की एक टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने से जुड़ा है। तकनीकी मूल्यांकन के दौरान फर्म को अयोग्य घोषित किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। करीब डेढ़ वर्ष तक सुनवाई के बाद 26 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विभाग को फर्म की वित्तीय बोली शामिल कर नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था।

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इसके बावजूद विभाग ने वित्तीय बोली खोलने के बजाय पूरी निविदा प्रक्रिया रोक दी। विभाग का तर्क था कि अन्य बोलीदाताओं ने निविदा की वैधता अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया, जिससे केवल एक बोलीदाता बचा और प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा सकती।

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हाईकोर्ट ने इस दलील को पूरी तरह अस्वीकार करते हुए कहा कि यह स्थिति विभाग की अपनी कार्यप्रणाली का परिणाम है और रिट कोर्ट के आदेश को विफल करने की एक सुनियोजित रणनीति प्रतीत होती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकारी अधिकारी बाद में उत्पन्न परिस्थितियों का हवाला देकर न्यायिक आदेशों से बच नहीं सकते।

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक सहित संबंधित अधिकारियों को 26 फरवरी 2026 के आदेश का 10 दिनों के भीतर सख्ती से पालन करने और अगली सुनवाई पर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

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अदालत ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में आदेश का पालन नहीं किया गया तो मुख्य अभियंता को 27 जुलाई 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा और उन्हें अवमानना मामले में सजा का सामना करना पड़ सकता है।

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