सरकारी कर्मचारियों की परिवारिक संपत्ति अब होगी पूरी तरह पारदर्शी, मुख्य सचिव व आयकर विभाग को कड़े निर्देश

खबर शेयर करें 👉

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति और सरकारी कर्मचारियों द्वारा परिवारिक संपत्ति का विवरण छिपाने के मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य सचिव और आयकर विभाग को विस्तृत कार्ययोजना के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामला जल निगम के कुछ अधिकारियों की आय से अधिक संपत्ति की जांच से जुड़ा है।

मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि अब सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार की संपत्ति का खुलासा नियमों के अनुसार अनिवार्य रूप से होगा और किसी भी तरह की चूक पर जवाबदेही तय की जाएगी।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  नेपाल में भारी तबाही के चलते चंपावत में एसडीआरएफ हाईअलर्ट पर

अदालत ने उत्तराखंड सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 2002 में “परिवार के सदस्य” की परिभाषा का हवाला देते हुए कहा कि इसमें पत्नी, पुत्र, सौतेला पुत्र, अविवाहित पुत्री, सौतेली अविवाहित पुत्री, आश्रित पति/पत्नी तथा रक्त या विवाह संबंध से आश्रित अन्य सदस्य शामिल हैं। कोर्ट ने टिप्पणी की कि कई कर्मचारी परिजनों को “आर्थिक रूप से स्वतंत्र” बताकर संपत्ति विवरण देने से बचते हैं, जबकि नियम ऐसी कोई राहत नहीं देते।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा -52 मरीज मिले, सभी जिलों में रैपिड रिस्पॉन्स टीम सक्रिय

हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि परिवार की परिभाषा और संपत्ति खुलासों से जुड़े सभी नियम दो सप्ताह के भीतर स्पष्ट कर गजट में प्रकाशित किए जाएं और अनुपालन रिपोर्ट 22 दिसंबर 2025 को अदालत में प्रस्तुत की जाए। साथ ही रजिस्ट्री को भी आदेश दिया गया कि इन दिशानिर्देशों को रिकॉर्ड में “पालन हेतु” दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य में इनकी मॉनिटरिंग हो सके।

कोर्ट ने हाईकोर्ट रजिस्ट्री को दोनों पीआईएल की प्रतियां आयकर विभाग के अधिवक्ता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही आयकर विभाग को फर्म कुचू-पुचू एंटरप्राइज सहित संबंधित परिवार के सदस्यों के संपत्ति विवरण और ITR का फॉरेंसिक ऑडिट दो सप्ताह के भीतर करने को कहा गया है। विभाग को झारखंड से देहरादून तक आवश्यक रिकॉर्ड मंगाने की पूरी छूट भी प्रदान की गई।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  रामनगर के हल्दूवा में भीषण सड़क हादसा -बाइक सवार युवक की मौत, दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों पीआईएल की अनुपालन रिपोर्ट अगली तारीख को टॉप ऑफ कॉज लिस्ट में रखी जाए, ताकि देरी की कोई संभावना न रहे। सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

ADVERTISEMENTS

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119