देहरादून में फिल्मी अंदाज में आईफोन लूट की वारदात फेल -पीड़ित ने बदमाशों को दौड़ाकर दबोचा
देहरादून। राजधानी देहरादून में दिनदहाड़े हुई आईफोन लूट की वारदात उस समय उलटी पड़ गई जब पीड़ित युवक ने हिम्मत दिखाते हुए खुद ही बदमाशों का पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। शातिर बदमाश टैक्सी कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वारदात को अंजाम दे रहे थे, लेकिन उनकी चालाकी ज्यादा देर नहीं चल सकी।
अनारवाला गढ़ी कैंट निवासी पंकज नेगी मिलिट्री अस्पताल के पास पैदल जा रहे थे और अपने आईफोन 12 पर बात कर रहे थे। तभी एक सफेद स्विफ्ट कार उनके पास आकर रुकी। कार में बैठे युवक ने झपट्टा मारकर उनका मोबाइल छीना और ड्राइवर ने गाड़ी तेजी से दौड़ा दी।
लेकिन बदमाशों को अंदाजा नहीं था कि उनका शिकार इतनी आसानी से हार मानने वाला नहीं है। पंकज ने बिना घबराए तुरंत एक राहगीर से लिफ्ट ली और बदमाशों के पीछे लग गए। कुछ ही दूरी पर एसबीआई बैंक के पास उन्होंने कार को पकड़ लिया और भिड़ंत के बाद अपना फोन वापस छीन लिया।
मौके पर जुटी भीड़ ने जब कार की जांच की तो बड़ा खुलासा हुआ। बदमाशों ने टैक्सी कार पर दिल्ली का फर्जी प्राइवेट नंबर लगा रखा था। जैसे ही नंबर प्लेट हटाई गई, नीचे असली उत्तराखंड की टैक्सी नंबर प्लेट मिली। इसके बाद लोगों ने दोनों आरोपियों को पकड़कर कैंट पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी वसीम अहमद (25) मूल रूप से सहारनपुर का रहने वाला है और पहले भी दो बार जेल जा चुका है। दूसरा आरोपी दानिश हसन (19) चूना भट्टा का निवासी है। वारदात में इस्तेमाल कार भी वसीम की ही निकली, जिस पर वह पुलिस से बचने के लिए फर्जी नंबर प्लेट लगाता था।
कैंट पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर रविवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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