देहरादून से ट्रेर्निग पर आये ट्रेनी अफसर का संदिग्ध परिस्थति में मिला शव, रात को हॉस्टल में लोहड़ी मनाकर सोए थे, 15 किलोमीटर दूर होटल के पास मिली डेडबॉडी

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देहरादून। मेरठ के सीडीए कार्यालय में चल रहे देशभर के सीडीए अफसरों की ट्रेर्निग में रविवार एक अफसर का हॉस्टल से 15 किलोमीटर दूर एक होटल के पास पडा मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया है। मृतक ट्रेनी असफर देहरादून से ट्रेर्निग लेने के लिए आया था। देहरादून निवासी अंकित पंवार देश के चालीस असफसरों में शामिल थे। जिनकी मेरठ के सीडीए कार्यालय में गत 8 जनवरी से 19 जनवरी तक ऑडिटिंग की  ट्रेर्निग चल रही है। रविवार सुबह हॉस्टल से लगभग 15 किमी दूर अंकित की लाश मिली है। कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के खड़ौली में द कलाम रेस्टोरेंट के सामने बाग के पास अंकित का शव पड़ा मिला है।राहगीरों ने अज्ञात शव देखा और पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शव की तलाशी ली तो उसके पास आरटीसी हॉस्टल के कमरे की चाबी थी। जिस पर आरटीसी लिखा हुआ था। इसके बाद पुलिस ने सीडीए के दफ्तर में संपर्क कर लाश के बारे में जानकारी दी। पुलिस की सूचना पर मौके पर हॉस्टल से अन्य ट्रेनी अफसर पहुंचे। डेडबॉडी की पहचान अंकित पवार निवासी देहरादून के रूप में हुई है। सीडीए टीम ने अंकित के परिजनों को घटना की जानकारी दी है। देहरादून से परिवार मेरठ आ रहा है। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया है।

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ट्रेनिंग के लिए आए अन्य साथी अफसरों ने बताया कि शनिवार रात  सभी ने मिलकर हॉस्टल में लोहड़ी मनाई थी। लगभग 7.30बजे तक लोहड़ी सेलिब्रेशन चला। इसके बाद  सभी डिनर करके रूम में चले गए। अंकित अपने रूम में अकेले थे। क्योंकि उनके साथ जो पार्टनर हैं वो गाजियाबाद निवासी हैं। इसलिए ट्रेनिंग के बाद वो गाजियाबाद अपने घर चले गए। अंकित पवार रूम में अकेले थे।

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अंकित हॉस्टल से कब बाहर निकले। कैसे बाहर आए किसी को जानकारी नहीं। साथियों ने बताया कि रूम में जाने के बाद हमारी आपस में बात नहीं हुई। इसलिए कुछ जानकारी नहीं कि अंकित हॉस्टल से लगभग 15 किमी दूर यहां कब, कैसे आए। हॉस्टल भी सिटी से दूर कैंट एरिया में हैं जहां आवागमन के साधन आसानी से नहीं मिलते। वो भी सर्दी की कोहरे वाली रात में अंकित कैसे, किस साधन से निकले, यहां अंजान जगह कैसे आए जानकारी नहीं हैं।

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पुलिस द्वारा की गयी छानबीन में बॉडी पर प्रथम दृष्टया किसी गोली या हथियार से मारने का निशान भी नहीं हैं। इसलिए मौत कैसे हुई इसकी जानकारी पोस्टमार्टम के बाद ही होगी। वहीं डेडबॉडी के पास अंकित का मोबाइल फोन भी नहीं मिला है। मोबाइल फोन रूम पर है या कहां हैं अभी तक कोई जानकारी नहीं है। लाश के पास किसी तरह का कोई सामान भी अब तक नहीं मिला। केवल जेब में हॉस्टल रूम की चाबी थी। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन करने में जुटी है।

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