दुःखद घटना…हल्द्वानी के डॉक्टर को शादी के बाद पड़ा अटैक, खुशियां मातम में बदली
हल्द्वानी। मैट्रिक्स हॉस्पिटल में कार्यरत समीर उपाध्याय अपनी बारात लेकर रानीखेत के शिव मंदिर में ले गया था, जहां उसकी शादी हो गई थी। बारात पहुंचने के बाद नाच गाना होने के साथ ही साथ फेरे भी हो गए थे किसी भी आधी रात को दूल्हा को अचानक चक्कर आ गएवह नीचे गिर गया.
साथियों ने उसे तुरंत उठाया और अस्पताल ले गए उसकी हालत को देखते हुए घर सेंटर रेफर कर दिया. हायर सेंटर जाते वक्त उसकी मौत हो गई बारात आने के बाद सभी कुछ ठीक था आप फ्री भी हो गए थे लेकिन इसके बाद घटना घटने के बाद दूल्हा दुल्हन पक्ष मातम छा गया है खुशी-खुशी दुल्हन विदा होती लेकिन इससे पहले ही यह बड़ा हादसा हो गया.
नगर के मैट्रिक्स अस्पताल में तैनात दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. समीर उपाध्याय (30) पुत्र नवीन उपाध्याय निवासी नंदपुर कठघरिया की बारात शुक्रवार को श्रीधरगंज रानीखेत गई थी। फेरे की रस्म के दौरान हृदयगति रुकने से डॉ. समीर का निधन हो गया। उन्हें रानीखेत के ही एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शुक्रवार सुबह डॉ. उपाध्याय की बारात उनके हल्द्वानी आवास से रानीखेत गई थी। उनके पिता नवीन उपाध्याय ओमान से लौटे हैं। पिता का पिछले एक साल से स्वास्थ खराब चल रहा है। वहीं डॉ. समीर परिवार में इकलौते पुत्र थे, जबकि उनकी दो बहन हैं। बड़ी बहन की शादी हो गई है और छोटी बहन डॉक्टर है। शनिवार को रानीबाग चित्रशिला घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
आज था महिला संगीत और पार्टी
शनिवार को महिला संगीत और पार्टी होनी थी। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। घर में खुशी का माहौल था। सभी लोग अपने स्तर पर इसकी तैयारिया भी कर रहे थे। लेकिन इस घटना के बाद से खुशी का माहौल गमगीन हो गया।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com

उत्तराखंड…तीनपानी बाईपास पर अब नहीं चलेगी लापरवाही –रॉन्ग साइड चलने वालों पर होगी बीएनएस की धारा 281 में कार्रवाई
उत्तराखंड…स्कूल जा रहे प्रधानाचार्य की धारदार हथियार से हत्या, बागेश्वर में सनसनी
उत्तराखंड…36 लाख के गबन में डाकपाल दोषी —अदालत ने सुनाई तीन साल की सजा