अंडरवर्ल्ड डॉन पीपी अब प्रकाशानंद, अल्मोड़ा जेल में सजा काट रहे पीपी को दी सन्यास की दीक्षा

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अल्मोड़ा। दुनिया का कुख्यात अंडरवल्र्ड डॉन प्रकाश पांडे उर्फ पीपी अब अपने किये पर पछतावा कर रहा है। जेल में सजा काट रहा पीपी अब संन्यास लेकर प्रायश्चित करना चाहता है। पीपी इस वक्त अल्मोड़ा जेल में है। इससे पूर्व उसे देहरादून, टिहरी और सितारगंज जेलों में रखा गया था। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा से आए साधुओं ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में यह बात कही। इसे पूरा करने में हिन्दूवादी संगठन से जुड़े कृष्णा कांडपाल ने भी उनका सहयोग किया। इसके बाद पीपी को प्रकाशानंद नाम दिया गया। इधर इसी साल मार्च महिने में भी पीपी के सन्यास लेने की जानकारी सामने आई थी। जूना अखाड़े के थानापति राजेंद्र गिरी ने पत्रकारों को बताया कि पीपी के परिजनों की ओर से अखाड़े को उनकी सन्यास लेने की मंशा से अवगत कराया गया।

अखाड़े प्रबंधन की ओर से इस औपचारिकता को पूरी करने के लिए संतों को यहां भेजा गया है। राजेंद्र गिरी ने कहा कि हमारे धर्म में संत वाल्मीकि का उदाहरण मौजूद है। उन्होंने अपने जीवन में बदलाव लाकर एक नजीर पेश की थी। कहा कि प्रकाश पांडे का भी हृदय परिवर्तन हुआ है, उनसे भी संत समाज यही उम्मीद कर रहा है। उनकी इच्छा के अनुसार उन्हें सन्यास की दीक्षा दी गई। बताया कि प्रयागराज में आने वाले कुंभ में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इधर उन्हें कुमाऊं के कई पौराणिक मठ मंदिरों का उत्तरदायित्व भी देने की घोषणा भी की गई। हिन्दूवादी नेता कृष्णा कांडपाल ने बताया कि उन्होंने पीपी के सन्यास की प्रक्रिया पूरी करने के लिए हरिद्वार में श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े से संपर्क किया, इसके बाद जेल के नियमों का पालन करते हुए यह प्रक्रिया पूरी की गई। बताया गया कि जेल प्रशासन ने मुलाकात के लिए केवल तीन लोगों की अनुमति दी। उनके साथ ही राजेंद्र गिरी व महंत सुरेंद्र पुरी ने उनको माला आदि देकर यह औपचारिकता पूरी की। पत्रकार वार्ता में महंत दीन दयाल गिरी महाराज, पुजारी रसानंद सरस्वती, चंद्रकांत गिरी, जगदीश कन्याल, हितेष पांडे, नितीश जोशी आदि रहे।

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