उत्तराखंड…डॉक्टरों के तबादलों पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से पूछा—मरीजों की जान से क्यों हो रहा खिलवाड़?
नैनीताल। प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर चिकित्सकों के तबादलों से स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़े असर को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार के संकेत दिए हैं। वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ ने सरकार को एक सप्ताह के भीतर तबादलों पर पुनर्विचार कर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत ने भवाली सेनिटोरियम को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में विकसित किए जाने संबंधी पूर्व आदेशों की प्रगति रिपोर्ट भी तलब की। राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि अस्पताल के लिए 250 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर सरकार को भेज दी गई है, जो फिलहाल वित्त विभाग में बजट स्वीकृति के लिए लंबित है। बजट मंजूर होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
न्यायमित्र ने अदालत को बताया कि हाल ही में राजकीय मेडिकल कॉलेज सुशीला तिवारी अस्पताल से 16 वरिष्ठ चिकित्सकों और बी.डी. पांडे जिला चिकित्सालय, नैनीताल से 6 वरिष्ठ डॉक्टरों सहित प्रदेश के कई प्रमुख अस्पतालों से विशेषज्ञ डॉक्टरों का तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह नए विशेषज्ञों की नियुक्ति नहीं होने से गंभीर मरीजों के इलाज पर असर पड़ रहा है और रेफर मामलों में भी परेशानी बढ़ गई है।
इस पर हाईकोर्ट ने सरकार से तबादलों पर पुनर्विचार करने और यदि स्थानांतरण आवश्यक हो तो संबंधित अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तत्काल नियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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