उतरराखंड…झूठे आश्वासन और खोखले वादे, हकीकत कुछ और ही
-मोटाहल्दू क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग की स्ट्रीट लाइटें बनीं शोपीस, जिम्मेदारों के फोन भी खामोश
मोटाहल्दू। उत्तराखंड सरकार आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विकास कार्यों पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे करती है, लेकिन मोटाहल्दू क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग की जमीनी स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगी स्ट्रीट लाइटों का आए दिन बंद रहना आम समस्या बन गया है। रात के समय सड़क के कई हिस्सों में अंधेरा पसरा रहने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था यातायात और आमजन की सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है। इसके बावजूद लंबे समय से लाइटों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों और समस्याओं के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे हैं।
अधिकारी फोन तक उठाने को तैयार नहीं
समस्या को लेकर जब राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो फोन नहीं उठाया गया। इससे क्षेत्रवासियों में नाराजगी है। लोगों का सवाल है कि जब अधिकारी जनता की समस्याओं के संबंध में फोन तक नहीं उठाएंगे तो फिर समस्या का समाधान किस माध्यम से होगा?
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी सवाल
वहीं, क्षेत्रीय सांसद और विधायक से भी समस्या के संबंध में संपर्क करने का प्रयास किए जाने के बावजूद फोन नहीं उठाए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में क्षेत्रवासियों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर राष्ट्रीय राजमार्ग की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी किसकी है और जनता अपनी समस्या लेकर किसके पास जाए।
लोगों का कहना है कि सरकार और जनप्रतिनिधियों की ओर से विकास और जनसुविधाओं को लेकर लगातार बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जब किसी स्थानीय समस्या के समाधान की बात आती है तो जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि जनता की पहुंच से दूर नजर आते हैं।
बयानबाजी तक सीमित हैं दावे?
मोटाहल्दू क्षेत्र की यह समस्या व्यवस्था और जवाबदेही दोनों पर सवाल खड़े कर रही है। जनता का कहना है कि विकास केवल घोषणाओं और बयानों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका असर धरातल पर भी दिखाई देना चाहिए। राष्ट्रीय राजमार्ग जैसी महत्वपूर्ण सड़क पर स्ट्रीट लाइटों का नियमित रूप से बंद रहना व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग से राष्ट्रीय राजमार्ग की सभी खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल दुरुस्त कराने और उनकी नियमित निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही लोगों ने जनप्रतिनिधियों से भी अपेक्षा जताई है कि वे जनता की समस्याओं को सुनें और संबंधित विभाग के अधिकारियों से जवाबदेही तय कराकर समस्या का स्थायी समाधान कराएं।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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