बड़ी खबर : एआई कंटेंट के नए नियम आज से लागू, पोस्ट करने से पहले रहें सतर्क
नई दिल्ली, 20 फरवरी। केंद्र सरकार ने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े कंटेंट पर सख्ती बढ़ाते हुए नए नियम आज से लागू कर दिए हैं। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा 10 फरवरी 2026 को अधिसूचित ये संशोधन अब प्रभावी हो गए हैं।
इन नियमों के तहत एआई से तैयार या संशोधित कंटेंट (सिंथेटिक कंटेंट) को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी की गई है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी तय कर दी गई है।
🔍 क्या है सिंथेटिक (AI Generated) कंटेंट?
नए नियमों के अनुसार, ऐसा कोई भी फोटो, वीडियो या ऑडियो जो एआई या डिजिटल तकनीक से इस तरह बनाया या बदला गया हो कि वह असली लगे—उसे सिंथेटिक कंटेंट माना जाएगा।
👉 हालांकि सामान्य एडिटिंग (फिल्टर, कलर करेक्शन आदि) इसमें शामिल नहीं होगी।
📌 जरूरी नियम:
ऐसे कंटेंट पर स्पष्ट लेबल या वॉटरमार्क अनिवार्य होगा
ताकि आम लोग पहचान सकें कि यह एआई से बना है
⚠️ तीन बड़े बदलाव
लेबलिंग अनिवार्य:
एआई फोटो/वीडियो शेयर करने से पहले लेबल लगाना जरूरी होगा और इसे हटाया नहीं जा सकेगा।
प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी बढ़ी:
सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे टूल बनाने होंगे जो एआई कंटेंट की पहचान और सत्यापन कर सकें।
यूजर्स को चेतावनी:
हर तीन महीने में प्लेटफॉर्म को यूजर्स को बताना होगा कि एआई के गलत इस्तेमाल पर सजा या जुर्माना हो सकता है।
🚫 ‘नो-गो’ कंटेंट (पूरी तरह प्रतिबंधित)
सरकार ने कुछ कंटेंट पर पूरी तरह रोक लगा दी है:
बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री
फर्जी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड
हथियार/गोला-बारूद से जुड़ी भ्रामक जानकारी
डीपफेक फोटो और वीडियो
📱 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए सख्त नियम
आपत्तिजनक कंटेंट हटाने की समय सीमा 36 घंटे से घटाकर 3 घंटे
शिकायत पर कार्रवाई की समय सीमा 12 घंटे
बच्चों से जुड़े संवेदनशील कंटेंट पर तुरंत कार्रवाई अनिवार्य
एआई कंटेंट की पहचान के लिए ट्रेसिंग सिस्टम (कोडिंग) लागू करना होगा
⚖️ कानूनी कार्रवाई
नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी:
भारतीय न्याय संहिता
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता
पोक्सो अधिनियम
सरकार ने यह भी साफ किया है कि एआई कंटेंट हटाने के लिए ऑटोमेटेड टूल्स का इस्तेमाल कानून के दायरे में ही माना जाएगा।
🧾 क्या रखें ध्यान (आपके लिए जरूरी)
👉 कोई भी फोटो/वीडियो पोस्ट करने से पहले देखें:
क्या यह AI से बना है? → लेबल जरूर लगाएं
क्या यह भ्रामक या फर्जी लग सकता है? → पोस्ट न करें
क्या इसमें किसी व्यक्ति की गलत छवि बन रही है? → कानूनी जोखिम
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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