हरिद्वार के होटल ‘अगस्त्य इन’ में हथियारबंद हमला, डकैती-तोड़फोड़ और मारपीट के आरोप में 50 लोगों पर मुकदमा दर्ज
हरिद्वार। शहर के एक होटल में हथियारबंद लोगों द्वारा डकैती, तोड़फोड़ और मारपीट के गंभीर आरोप सामने आए हैं। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने इस मामले में करीब 50 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर रितेश शाह के अनुसार, अनमोल वशिष्ठ ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी मां शालिनी वशिष्ठ होटल ‘अगस्त्य इन’ की मालकिन हैं। इस संपत्ति को लेकर सिविल जज (एसडी) द्वारा 12 अगस्त 2024 से कब्जा संरक्षण आदेश लागू है, जबकि हाईकोर्ट ने भी 6 नवंबर 2025 को कब्जे और स्वामित्व को लेकर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद 29 जनवरी की सुबह करीब 5:30 बजे आरोपी संजय प्रधान, रश्मि प्रधान, कार्तिकय प्रधान उर्फ कार्तिक, ध्रुव प्रधान, इंदु प्रधान उर्फ अमरेश, प्रदीप प्रधान, देवाशीष उर्फ देव प्रधान, हर्षित प्रधान, इसरार अहमद, राज सिंह, आशीष प्रधान, आदित्य प्रधान समेत करीब 50 लोग लाठी-डंडों, तलवार और पिस्टल से लैस होकर होटल परिसर में जबरन घुस आए।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने होटल के कई कमरों के ताले तोड़ दिए, मुख्य गेट को क्षतिग्रस्त किया और नकदी, आभूषण, पुश्तैनी बही-खाते सहित अन्य कीमती सामान लूट लिया। साथ ही होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी तोड़ दिया और डीवीआर निकालने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने अनमोल वशिष्ठ, उनकी मां और होटल मैनेजर के साथ मारपीट भी की।
अनमोल वशिष्ठ का आरोप है कि घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई थी, लेकिन उस समय मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद कोर्ट की शरण लेने पर सोमवार को न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज किया।
पीड़ित पक्ष का दावा है कि पूरी वारदात होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है और एक संदिग्ध वाहन का नंबर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। उल्लेखनीय है कि इसी संपत्ति को लेकर जून 2024 में भी हमला हुआ था, जिसमें पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
पुलिस का कहना है कि कोर्ट के आदेश के अनुसार मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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