भालू की दहशत : अमरूद-अखरोट के पेड़ काटने को मजबूर ग्रामीण
-महिलाएं समूह में जा रही हैं गोशालाओं व खेतों की ओर, वन विभाग रात में फोड़ रहा पटाखे
उत्तरकाशी। भटवाड़ी विकासखंड के गणेशपुर गांव में भालू की दहशत लगातार बनी हुई है। स्थिति यह है कि ग्रामीण अब अपने अमरूद और अखरोट के पेड़ तक काटने को मजबूर हो गए हैं, ताकि भालू गांव में न आए।
ग्राम प्रधान अरविंद रावत ने बताया कि लंबे समय से गांव में भालू के आने की घटनाएं हो रही हैं। भालू फलों के लालच में गांव तक पहुंच जाता है, जिससे ग्रामीणों को हर समय खतरा बना रहता है। महिलाएं अब समूह बनाकर गोशालाओं और खेतों में जा रही हैं, वहीं स्कूली बच्चों की आवाजाही भी खतरे में है।
रावत ने बताया कि कई ग्रामीण अमरूद और अखरोट के उत्पादन से अपनी आजीविका चलाते हैं, लेकिन अब भालू के डर से उन्हें ये पेड़ काटने पड़ रहे हैं। उन्होंने वन विभाग के उच्चाधिकारियों से गांव का निरीक्षण करने और भालू को पकड़ने के लिए ठोस कार्रवाई की मांग की है।
वन बीट अधिकारी शिवेंद्र चौहान, संदीप और प्रदीप ने बताया कि विभागीय टीम लगातार गांव में गश्त कर रही है और रात में पटाखे फोड़कर भालू को भगाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अकेले जंगल या गोशाला की ओर न जाएं।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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