सरकार मेट्रो स्टेशनों पर खोलेगी रिटेल स्टोर, डिस्काउंट रेट पर मिलेगा किचन का जरूरी सामान

खबर शेयर करें 👉


नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो से हर रोज लोग बड़ी संख्या में यात्रा करते हैं। ऐसे में डीएमआरसी यात्रियों के सफर को सुविधाजनक बनाने के लिए दिन-रात काम करती है। इसमें सरकार भी समय-समय पर अपना योगदान देती रहती है। इसी कड़ी में अब सरकार, दिल्ली मेट्रो के साथ मिलकर यात्रियों के लिए रसोई की आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने की एक अनूठी सुविधा पेश करने जा रही है।


एक रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार इस महीने राजधानी के प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर रिटेल स्टोर खोलकर उपभोक्ताओं को रियायती कीमतों पर प्याज, दाल और आटा जैसी रसोई की जरूरी चीजें उपलब्ध कराएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, अगर यह प्रोजेक्ट सफल रहा, तो इसे मुंबई, चेन्नई और बेंगलूरु जैसे अन्य शहरों तक ले जाया जाएगा, जहां मेट्रो रेल नेटवर्क है। खाद्य आवश्यक वस्तुओं – गेहूं, चावल, दालें, चीनी, प्याज – की बढ़ी कीमतें केंद्र सरकार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। 2024 के लोकसभा चुनावों में यह एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। कहावत है कि दिल का रास्ता पेट से होकर गुजरता है। ऐसे में इस कदम के माध्यम से सरकार की नजर मतदाताओं का दिल जीतने पर होगी।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  सांसद अजय भट्ट ने सुनीं जनसमस्याएं -अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश


हला रिटेल स्टोर सेंट्रल दिल्ली के राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर खोला जाएगा, ताकि वहां आने वाले लोगों की भारी भीड़ का फायदा उठाया जा सके। इसका स्वामित्व और संचालन नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनसीसीएफ) के पास होगा। बता दें कि एनसीसीएफ एक संगठन है, जो सरकार की ओर से कृषि वस्तुओं जैसे खाद्यान्न, दालें, मसाले, तेल के बीज, फार्मास्युटिकल आइटम और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की खरीद करता है और उपभोक्ताओं को उचित दरों पर यह वस्तुएं बेचता भी है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  सांसद अजय भट्ट ने सुनीं जनसमस्याएं -अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश


एनसीसीएफ दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों पर 15-20 स्टोर खोलने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में, यह सब्सिडी वाले खाद्य पदार्थ बेचने के लिए शहरों में मोबाइल वैन चलाता है। लेकिन इस कार्यक्रम की पहुंच सीमित है। असमान और कम बारिश के कारण, खुदरा महंगाई जुलाई में 15 महीने के उच्चतम स्तर 7.44त्न पर थी, खाद्य मूल्य मुद्रास्फीति बढक़र 11.5त्न हो गई – जो साढ़े तीन साल में सबसे अधिक है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  सांसद अजय भट्ट ने सुनीं जनसमस्याएं -अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश


खाद्य मुद्रास्फीति, गेहूं के निर्यात पर रोक लगाने, चीनी, प्याज और चावल के शिपमेंट को प्रतिबंधित करना; दालें आयात करना; और अपने स्वयं के स्टॉक से गेहूं, चावल और प्याज जैसी सब्जियां बेचने जैसे सरकार के प्रयासों के बाद से धीमी हो गई है। लेकिन अक्टूबर में यह अब भी 6.61त्न के ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।


रिपोर्ट में कहा गया कि मेट्रो स्टेशनों पर इन स्टोरों को खोलकर, सरकार बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं तक पहुंचने और उन्हें दी जा रही सब्सिडी का लाभ उठाने में मदद करने का इरादा रखती है।

ADVERTISEMENTS

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119