हारने आए हैं हरीश रावत:-डॉ. बिष्ट
हल्द्वानी। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे चुनाव समीकरण बदल रहे हैं। उत्तराखंड की वीआईपी सीट बन चुकी, लालकुआं में त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है। एक तरफ कांग्रेस के बड़े राजनेता से हरीश रावत मैदान में हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा से डॉ. मोहन बिष्ट का स्थानीय होने की वजह से लोगों का व्यक्तिगत लगाव है। इसके अलावा पवन चौहान ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में बाकी प्रत्याशियों की नींद उड़ा रखी है। मुकाबला त्रिकोणीय और रोमांचक होता नजर आ रहा है।
भाजपा के डॉ. मोहन बिष्ट ने अपनी जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि हरीश रावत लालकुआं में हारने आए हैं। लालकुआं से उनके हार का अंतर सबसे बड़ा रिकॉर्ड होगा। बीजेपी के लिए सबसे अहम बात यह है कि प्रत्याशी डॉ. मोहन बिष्ट स्थानीय हैं और वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य भी हैं। बात कांग्रेस की करें तो प्रत्याशी पूर्व सीएम हरीश रावत के मुताबिक जनता इस समय परिवर्तन का मन बना चुकी है और इस सीट पर कांग्रेस अपना परचम लहराएगी।
वहीं भाजपा से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतरने वाले पवन चौहान ने भी अपना जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। लालकुआं विधानसभा में देखा जाए तो कांग्रेस और भाजपा के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी पवन चौहान के साथ-साथ कांग्रेस से बगावत कर संध्या डालाकोटी भी जोर-शोर से चुनाव प्रचार में लगी हुई है। इन दोनों निर्दलीय प्रत्याशियों का भी अच्छा खासा जनाधार है।
इस सीट पर पहले 2012 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी हरीश चंद्र दुर्गापाल को 25 हजार वोट मिले। जबकि भाजपा के उम्मीदवार नवीन दुम्का को 16,341 वोट मिले थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के नवीन दुम्का को 44,293 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी हरीश चंद्र दुर्गापाल को 27,108 वोटों के मार्जिन से हराया था।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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