मोटे अनाज की खेती से पूर्व जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाना जरूरी

खबर शेयर करें 👉

जिस मोटे अनाजों की पौष्टिकता को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक स्तर पर प्रचार व प्रसार कर रहे हैं, इसकी पौष्टिकता की जानकारी तो पहाड़ के लोगों को पहले से ही थी, जिसका वह पहले से ही पीढ़ी दर पीढ़ी प्रयोग करते आ रहे हैं। मडुवा आदि की खेती पहाड़ के लोग अधिकतर किया करते थे, हर परिवार अपनी जरूरत के अनुसार इसे पैदा करते थे। लेकिन अब पहाड़ों में जंगली जानवरों का आतंकी इतना बढ़ चुका है कि खेती से लोगों का मन ही भर चुका है। पहाड़ों में रोजगार न होने की वजह से अधिकतर युवा वर्ग अब पहाड़ों से पलायन कर चुके हैं। अब जो बुजुर्ग लोग गांव में है भी तो वह कृषि करने के काबिल नहीं है। जिससे अब मोटे अनाज की पैदावार भी काम हो गई है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  uttarakhand-शिक्षक पर नौवीं के छात्र की पिटाई का आरोप, कान में अंदरूनी चोट का दावा

सरकार ने अब मडुवे का 38.42 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से समर्थन मूल्य घोषित किया है, अब इसका व्यापारिक दृष्टि से उत्पादन कुछ एक जगहों पर किया जाने लगा है। वह भी उन स्थानों पर जहां जंगली जानवरों का आतंक कम है, यदि सरकार जंगली जानवरों के आतंक को कम करने में कामयाब होती है तो एक बार फिर से किसानों को मोटे अनाज की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया जा सकता है। पहाड़ी क्षेत्र के अधिकतर इलाकों में बंदर, लंगूर, जंगली सूअरों का आतंक सा पसरा हुआ है। जिनके आतंक से ना तो फल फूल ही सुरक्षित है और ना ही अनाज! ऐसी स्थिति में सरकार को चाहिए कि यदि वास्तव में मोटे अनाज के उत्पादन में वृद्धि करनी है तो सबसे पहले जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलानी होगी, तभी यह कार्य संभव हो सकेगा।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  रामनगर के हल्दूवा में भीषण सड़क हादसा -बाइक सवार युवक की मौत, दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार मडुवे में फाइबर, कैल्शियम, प्रोटीन, वसा, खनिज प्राकृतिक रूप से मिलने के कारण यह बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद है। साथ ही सामान्य लोगों के लिए भी यह अत्यधिक लाभकारी है। मडुवे को मधुमेह के रोगियों के लिए भी काफी लाभदायक माना जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार इसमें 72.5 कार्बोहाइड्रेट, 12.4 नमी, 7.1 प्रोटीन, 1.5 बसा, 2.8 खनिज, 3.7 रेशा व 3.32 कैलोरी होती है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा -52 मरीज मिले, सभी जिलों में रैपिड रिस्पॉन्स टीम सक्रिय

ADVERTISEMENTS

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119