भीमताल में ज्ञान और तकनीक का महाकुंभ : ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में CE2CT-2026 का भव्य आगाज

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भीमताल। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी (GEHU), भीमताल परिसर में IEEE उत्तर प्रदेश सेक्शन के सहयोग से द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “एडवांसेस इन कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजीज (CE2CT-2026)” का गुरुवार को भव्य शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का उद्देश्य कंप्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उभरते नवाचारों पर वैश्विक स्तर पर शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है।

सम्मेलन का उद्घाटन पद्म भूषण एवं पद्मश्री से सम्मानित प्रो. (डॉ.) वी. के. सारस्वत, पूर्व सदस्य नीति आयोग, पूर्व सचिव DDR&D (DRDO) तथा ग्राफिक एरा (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के कुलाधिपति ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर देश-विदेश के शिक्षाविद, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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भीमताल परिसर के निदेशक ने स्वागत भाषण में मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) वी. के. सारस्वत, विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) एस. के. कश्यप, कुलपति, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर सहित सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि CE2CT का पहला संस्करण अत्यंत सफल रहा था और दूसरा संस्करण उसी सफलता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास है। उन्होंने IEEE उत्तर प्रदेश सेक्शन के सहयोग की सराहना करते हुए अगले वर्ष CE2CT-2027 को और अधिक व्यापक स्वरूप में आयोजित करने की उम्मीद जताई।

निदेशक ने कहा कि ग्राफिक एरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) कमल घनशाला का सपना कुमाऊं के दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा, नवाचार और वैश्विक अवसरों से जोड़ना रहा है। इसी का परिणाम है कि भीमताल परिसर के विद्यार्थियों को Atlassian, Google और Amazon जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में क्रमशः लगभग 70 लाख, 60 लाख और 50 लाख रुपये वार्षिक पैकेज तक प्राप्त हो रहे हैं।

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मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) वी. के. सारस्वत ने “विकसित भारत-2047” के लक्ष्य को सामने रखते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर, न्यूरोमॉर्फिक कंप्यूटिंग, उपग्रह प्रौद्योगिकी, स्पेस-बेस्ड कंप्यूटिंग और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन जैसे क्षेत्रों में भारत की तेजी से बढ़ती क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वदेशी, व्यावहारिक और बाजारोन्मुख तकनीकों के विकास के साथ उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच अनुसंधान सहयोग को मजबूत बनाने पर जोर दिया।

विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) एस. के. कश्यप ने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बनने और वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि विज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारे आसपास की दुनिया में मौजूद है।

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उद्घाटन सत्र के बाद आईआईटी इंदौर के प्रो. एम. तनवीर और सर्बिया की प्रो. वेस्ना वेलिकोविच ने मुख्य व्याख्यान दिए। इसके साथ ही विभिन्न तकनीकी विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुतिकरण सत्र भी आयोजित किए गए।

सम्मेलन को दुनिया भर से जबरदस्त प्रतिसाद मिला। आयोजकों के अनुसार कुल 2,132 शोध पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 219 उच्च गुणवत्ता वाले शोध पत्र प्रस्तुतीकरण के लिए चयनित किए गए। यह उपलब्धि CE2CT-2026 की बढ़ती वैश्विक पहचान, अकादमिक उत्कृष्टता और शोध के क्षेत्र में मजबूत होती प्रतिष्ठा का प्रमाण मानी जा रही है।

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