मानसून का कहर : उत्तर और पूर्वी भारत में 17 की मौत, जम्मू-कश्मीर सबसे ज्यादा प्रभावित, कई राज्यों में रेड अलर्ट
नई दिल्ली। उत्तर और पूर्वी भारत में मानसून ने भारी तबाही मचाई है। रविवार को बारिश, बाढ़, भूस्खलन और आकाशीय बिजली से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। सबसे अधिक 12 मौतें जम्मू-कश्मीर में हुईं, जबकि उत्तराखंड में बिजली गिरने से दो और नगालैंड में अचानक आई बाढ़ से तीन लोगों की जान चली गई। कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा तबाही
जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन ने व्यापक तबाही मचाई। पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील सबसे अधिक प्रभावित रही, जहां अधिकांश मौतें हुईं। राजौरी में भी अचानक आई बाढ़ में दो लोगों की जान चली गई। कई लोग अब भी लापता हैं और सेना, पुलिस, एनडीआरएफ तथा अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली का अपना दौरा बीच में ही समाप्त कर जम्मू लौटने का फैसला किया।
अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई
लगातार खराब मौसम और अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने पहलगाम और बालटाल मार्गों से अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी है। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास और कश्मीर के आधार शिविरों से भी श्रद्धालुओं की आगे की यात्रा रोक दी गई है।
उत्तराखंड में बिजली गिरने से दो की मौत
उत्तराखंड में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित है। हरिद्वार जिले में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, भूस्खलन के कारण दो राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 84 सड़कें बंद हो गई हैं।
मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी है।
नगालैंड में बाढ़ से तीन लोगों की मौत
नगालैंड के मोन जिले में अचानक आई बाढ़ से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। कई मकान बह गए, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और कई लोग मलबे में फंस गए। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन से यातायात भी प्रभावित हुआ है।
हिमाचल, यूपी और बंगाल में भी अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और सिरमौर सहित कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटे के दौरान व्यापक वर्षा, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
पश्चिम बंगाल के उत्तर बंगाल क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिलों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। तीस्ता, तोर्सा और अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ने की चेतावनी दी गई है।
दिल्ली में जुलाई की सबसे गर्म रात
एक ओर कई राज्यों में भारी बारिश हो रही है, वहीं दिल्ली में रविवार को 31 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया, जो पिछले पांच वर्षों में जुलाई की सबसे गर्म रात रही। अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में भी उमस भरी गर्मी बनी रही, जबकि पंजाब का बठिंडा 40.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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