लोग टूट जाते हैं “एक घर बनाने में” तुम्हें तरस नहीं आता बस्तियाँ उजाड़ने में
समाजवादी पार्टी के उत्तराखण्ड प्रदेश प्रभारी हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीक़ी ने नैनीताल मेट्रोपोल बस्ती जो देश की आज़ादी से पहले से बसी थी को शत्रु सम्पत्ति के नाम पर अतिक्रमणकारी बता कर हटाये जाने की घटना को शर्मसार करने वाली घटना बताते हुए कहा कि मोजूदा भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन को यह देखना चाहिये था। कि इस भारी बरसात के मौसम में यह ग़रीब मज़दूर कहाँ जायेंगे । जिसमे छोटे-छोटे बच्चों के साथ-साथ गर्भवती महिलायें,तमाम बीमार बुजुर्ग और ऐसे भी महिला,पुरुष बुजुर्ग थे। जिनका उनके पड़ोसी ही ध्यान रखते थे।जो अकेले रहते थे। इसके अलावा तमाम बच्चों की अर्धवार्षिक परीक्षायें चल रही है। इसी तरह तमाम दुधमुँहे बच्चे है। जिनका भविष्य अब बेघर होने के बाद अंधकारमय हो गया है।श्री सिद्दीक़ी ने कहा कि जहाँ भाजपा की केन्द्र व प्रदेश सरकारें हर परिवार को पक्का मकान देने की बात करती है।वहीं नैनीताल में कच्चे मकानों में रह रहे ग़रीब परिवारों को बेघर करके यह साबित कर दिया है । कि भाजपा की कथनी और करनी में ज़मीन आसमान का अन्तर है।श्री सिद्दीक़ी ने कहा कि जहाँ एक तरफ़ देश की जनता भारी महँगाई की मार से त्राहि त्राहि कर कर रही है।
वहीं ऐसे में ग़रीबों को बेघर करना इसी बात की ओर इशारा करता है । कि भाजपा सरकार ग़रीबी नहीं गरीबों को ही मिटाना चाहती है।श्री सिद्दीक़ी ने कहा कि मेट्रोपोल निवासियों की अविलम्ब स्थानीय प्रशासन या प्रदेश सरकार को पुर्निवास व्यवस्था करनी चाहिये । श्री सिद्दीक़ी ने कहा कि जहाँ माननीय सुप्रीम भी अपने कई फ़ैसलों में कह चुकी है। कि यदि कोई अतिक्रमणकारी भी है। तो भी पहले उसके पुर्निवास की व्यवस्था होनी चाहिये।उसके बाद ही उसे हटाना चाहिये।साथ ही श्री सिद्दीक़ी ने कहा कि जिस तरह से पूरे प्रदेश में ग़रीबों के मकानों एवं दुकानों को अतिक्रमण के नाम पर तोड़ कर बेघर और बेरोज़गार किया गया है।उन्हें अविलम्ब उनके घरों एवं रोज़गार की व्यवस्था स्थानीय प्रशासन या प्रदेश सरकार को करनी चाहिये । अन्यथा प्रदेश की जनता अगामी निकाय चुनाव एवं लोकसभा चुनाव इसका करारा जवाब देगी।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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