पिरूल एकत्रीकरण का कार्य स्वयं सहायता समूह ने किया प्रारम्भ-
वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए प्रचुर मात्रा में बायोमास के रूप में उपलब्ध पिरूल ( छिड़ की पत्ती) एकत्रीकरण का कार्य स्वयं सहायता समूह बल्दियाखान द्वारा प्रारम्भ कर दिया गया है। यह जानकारी देते हुए मुख्य विकास अधिकारी डॉ संदीप तिवारी ने बताया कि बल्दियाखान से पिरूल एकत्रीकरण का कार्य शुरू किया गया है। सभी खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया है कि समस्त स्वयं सहायता समूह के सहयोग से पिरूल संग्रहण का कार्य कराया जाय। इससे पर्यावरण स्वच्छ, लोगों की आर्थिकी सशक्त व पिरूल के साफ हो जाने से वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण व रोकथाम लगेगी।
जनपद की स्वयं सहायता समूह द्वारा संग्रहित किये गए पिरूल को औद्योगिक विकास के लिये वन विभाग के माध्यम से फैक्टरी की मांग को पूरा किया जाएगा। इसके एवज में महिलाओं को रुपये 2 प्रति किलोग्राम की दर से मानदेय दिया जाएगा। सरकार द्वारा पिरूल से कोयला व बिजली बनाने के संयत्र स्थापित करने पर भी जोर दिया गया है।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com



इंस्पिरेशन स्कूल के वार्षिकोत्सव ‘स्पेक्ट्रम-2026’ में बच्चों ने नृत्य-संगीत से दिया विश्व शांति और सामाजिक एकता का संदेश
Uttarakhand–4500 मीटर की ऊंचाई पर ‘दमखम की परीक्षा’ -आदि कैलाश परिक्रमा रन में 26 राज्यों के 1100 धावकों ने भरी हुंकार
लालकुआं नगर पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच की मांग, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज
घोड़ाखाल गोलू देवता मंदिर को मानसखंड मंदिर माला मिशन में शामिल करने की मांग