फर्जी डिग्री पर चल रहा था क्लीनिक, स्वास्थ्य विभाग ने मारा छापा -15 हजार जुर्माना लेकर हटाई सील
सितारगंज। स्वास्थ्य विभाग ने शक्तिफार्म क्षेत्र में बिना वैध पंजीकरण संचालित एक क्लीनिक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना जमा कराने और संचालक से भविष्य में क्लीनिक संचालित न करने का शपथ पत्र लेने के बाद विभाग ने क्लीनिक की सील हटा दी।
जानकारी के अनुसार 7 मार्च को सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध रूप से संचालित एक क्लीनिक का भंडाफोड़ किया था। जांच के दौरान क्लीनिक का कोई वैध पंजीकरण नहीं पाया गया। मौके से एलोपैथिक दवाइयां व अन्य चिकित्सकीय सामग्री भी बरामद की गई, जबकि छापेमारी के समय वहां कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था।
जांच में यह भी सामने आया कि क्लीनिक में अवैध रूप से गर्भपात जैसी गतिविधियां भी संचालित की जा रही थीं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक को सील कर संचालक से स्पष्टीकरण मांगा था।
संचालक ने अपने जवाब में बताया कि वह ‘कम्युनिटी मेडिकल सर्विस एंड एसेंशियल ड्रग्स’ नामक डिग्री के आधार पर क्लीनिक चला रहा था, जो उत्तराखंड में मान्य नहीं है। साथ ही उसने भविष्य में क्लीनिक संचालित न करने का शपथ पत्र भी विभाग को सौंप दिया।
सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि संचालक से 15 हजार रुपये का जुर्माना वसूलने और शपथ पत्र लेने के बाद क्लीनिक की सील हटा दी गई है।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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