चंपावत निवासी ढाबा संचालक के साथ आठ महीने से लिव इन में रह रही महिला ने की खुदकुशी, हरिद्वार में चलाता था ढाबा, पार्टनर ने शव नहर में फेंका
चंपावत निवासी ढाबा संचालक के साथ आठ महीने से लिव इन में रहती आ रही एक महिला ने मामूली कहासुनी होने पर जंगल में जाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए लिव इन पार्टनर ने शव उतारकर नहर में फेंक दिया।
पुलिस कंट्रोल रूम पर शव छिपाने की सूचना मिलने पर हरकत में आई पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर शव बरामद कर लिया। आरोपित को जेल भेज दिया है।
एसपी क्राइम रेखा यादव ने बताया कि कांगड़ी निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी कि कांगड़ी श्यामपुर स्थित ढाबे के संचालक केदार सिंह ने एक महिला की हत्या करने के बाद शव को कांगड़ी के जंगल में छिपा रखा है।एसओ श्यामपुर विनोद थपलियाल ने आला अधिकारियों को जानकारी दी। एसएसपी अजय सिंह ने तत्काल पुलिस टीम गठित कर सत्यता का पता लगाने के निर्देश दिए।
जिस पर पुलिस ने आरोपित ढाबा संचालक केदार सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की।पहले वह टालमटोल करने लगा। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पुलिस को बताया कि रविवार को नाश्ता करते समय उन दोनों के बीच झगड़ा हो गया था, जिसके बाद महिला ने कांगड़ी स्थित जंगल में किसी पेड़ पर लटक कर अपनी जान दे दी थी। पुलिस के डर से उसने महिला का शव उतारकर पूर्वी गंगनहर में फेंक दिया था।
खोजबीन करने पर पुलिस को एक पेड़ में महिला के बाल फंसे दिखाई दिए। दूसरी टीम ने गैंडीखाता स्थित गुर्जर बस्ती के समीप नहर से महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद कर लिया। श्यामपुर थानाध्यक्ष विनोद थपलियाल ने बताया कि आरोपित केदार सिंह मूल रूप से ग्राम रिया रुइया थाना व जिला चंपावत का रहने वाला है, और वर्तमान में कांगड़ी स्थित ग्रीन पंजाबी ढाबा संचालित करता है।महिला से आठ माह पहले ढाबे पर उसकी मुलाकात हुई थी और तभी से दोनों लिव इन में थे। महिला ढाबे पर बर्तन धोना, सफाई का काम करती थी।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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