UK: सहस्रधारा रोड की 18 बीघा पुश्तैनी जमीन का फर्जीवाड़ा -हाईकोर्ट के आदेश पर बिल्डर समेत दो पर केस

Fast News Uttarakhand - Latest Uttarakhand News in Hindi
खबर शेयर करें 👉

देहरादून। सहस्रधारा रोड स्थित तरला नागल क्षेत्र में पुश्तैनी जमीन को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये में बेचने के मामले में राजपुर पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने दून वैली कोलोनाइजर एंड बिल्डर कंपनी के निदेशक प्रदीप नागरथ और उनके साथी केके सोइन के खिलाफ फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

तरला नागल निवासी नूर हसन ने शिकायत में बताया कि उनके पूर्वज करीमुद्दीन की वर्ष 1996 में मृत्यु हो गई थी। आरोप है कि केके सोइन ने वर्ष 1990 की एक पावर ऑफ अटॉर्नी का इस्तेमाल करते हुए 19 जुलाई 2001 को दून वैली बिल्डर के साथ एक अपंजीकृत एमओयू किया।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  40.600 किलो गांजा बरामदगी में एक दोषी, दूसरा बरी--अदालत ने सुनाई 11 साल की कठोर सजा, 1.10 लाख रुपये जुर्माना

शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने कथित साजिश के तहत एकल मध्यस्थता का मामला दायर कर करीब 18 बीघा जमीन से संबंधित फर्जी विक्रय पत्र तैयार करवा लिए। शिकायतकर्ता के अनुसार इस जमीन में उनका भी हिस्सा है। जमीन के दस्तावेजों में कथित हेरफेर की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  दुग्ध समितियों के चुनाव में मुकेश बोरा का दबदबा- 12वीं बार निर्विरोध जीते

नूर हसन के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक को शिकायत देने के साथ ही मामले की जांच क्षेत्राधिकारी मसूरी द्वारा की गई थी। 21 अक्टूबर 2024 की जांच रिपोर्ट में भी मामले को सही पाए जाने का दावा किया गया है। इसके बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। निचली अदालत से भी प्रार्थना पत्र खारिज होने के बाद शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट का रुख किया।

हाईकोर्ट ने मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद राजपुर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड : बहन की आईडी से होटल में कमरा लेने का आरोप, युवती के साथ युवक को देख हंगामा

एसओ पीडी भट्ट ने बताया कि प्रदीप नागरथ और केके सोइन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और मामले की जांच की जा रही है। इधर, विवादित जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य लोगों की भी चिंता बढ़ गई है। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होगा कि कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन की बिक्री में और कौन-कौन लोग शामिल रहे हैं।

ADVERTISEMENTS

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119