सुनियोजित अपहरण कांड के तीन आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
हल्द्वानी। सुनियोजित अपहरण कांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। मामला 50 लाख रुपये की फिरौती से जुड़ा है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है।बता दें कि बीते 7 मई को तल्ली बमोरी गली नंबर-1 मुखानी निवासी गिरीश चन्द्र लोहनी ने पुलिस को सौंपी तहरीर में कहा था कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उसके पुत्र तुषार लोहनी के साथ मारपीट करते हुए उसका अपहरण कर कार में डालकर फरीदाबाद ले गए।
पीड़ित पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। जिसके बाद पुलिस ने बीते 11 मई को तुषार लोहनी को अत्तरा शहर बांदा से घायल अवस्था में सड़क किनारे से बरामद कर लिया। उसे बेस अस्पताल में भर्ती कराया। एसएसपी पीएन मीणा के निर्देश के बाद गठित हुई टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेजों के साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी आलोक तिवारी से अपहृत तुषार लोहनी के बीच 50 लाख रुपये के लेन-देन का विवाद था। इसी के चलते आलोक ने अपने पुराने परिचित मुन्ना कुरैशी तावडू हरियाणा, दयाशंकर तिवारी बांदा, अंकुश कुमार और विनय प्रताप कृपालपुर,इटावा के साथ मिलकर 6 मई को हल्द्वानी के बावर्ची रेस्टोरेंट से तुषार का अपहरण कर लिया। इसके बाद उसे बांदा और चित्रकूट में अलग-अलग जगहों पर रखा गया और परिजनों से फिरौती की मांग की गई।
पुलिस ने दयाशंकर तिवारी पुत्र स्व रामप्रताप तिवारी निवासी ग्राम महोखर कोतवाली देहात जनपद बांदा हाल पता होटल गुरुदेव के पास सिविल लाइंस कोतवाली नगर जनपद बांदा, अंकुश कुमार पुत्र आछे लाल निवासी कृपालपुर थाना बसरेहर जनपद इटावा, विनय प्रताप पुत्र विशाल निवासी कृपालपुर थाना बसरेहर जनपद इटावा को गिरफ्तार कर लिया।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com
उत्तराखंड…स्कूल जा रहे प्रधानाचार्य की धारदार हथियार से हत्या, बागेश्वर में सनसनी
उत्तराखंड…36 लाख के गबन में डाकपाल दोषी —अदालत ने सुनाई तीन साल की सजा