उत्तराखंड सरकार की नई SOP: कार्मिकों से दुर्व्यवहार पर FIR और ब्लैकलिस्टिंग
देहरादून। शिक्षा निदेशालय में निदेशक के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू कर दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा जारी इस SOP में स्पष्ट किया गया है कि अब किसी भी कार्मिक के साथ दुर्व्यवहार करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
🔴 दुर्व्यवहार पर सख्त कार्रवाई
नई SOP के अनुसार:
ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट या गाली-गलौच करना दंडनीय अपराध होगा।
दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत FIR दर्ज की जाएगी।
संबंधित व्यक्ति को तुरंत परिसर से बाहर निकालकर ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
🚫 किन पर लागू होगी SOP
आमजन, निजी ठेकेदार, जनप्रतिनिधि, उनके समर्थक — सभी आगंतुक SOP के दायरे में आएंगे।
हालांकि, सचिवालय और विधानसभा जैसे पहले से उच्च सुरक्षा वाले कार्यालयों में यह SOP लागू नहीं होगी।
🚗 प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव
सरकारी कार्यालयों में आम लोगों के वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
VIP और दिव्यांग वाहनों की अंडर-व्हीकल मिरर से जांच के बाद ही एंट्री होगी।
सभी कार्यालयों में डिजिटल विज़िटर मैनेजमेंट सिस्टम (VMS) लागू किया जाएगा।
किसी अधिकारी से मिलने के लिए जनप्रतिनिधि के साथ अधिकतम 3 लोग ही प्रवेश कर सकेंगे।
🎥 निगरानी और साक्ष्य प्रबंधन
सभी कार्यालयों में हाई-क्वालिटी CCTV कैमरे लगाए जाएंगे।
रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखा जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर फॉरेंसिक पहचान सुनिश्चित की जा सके।
⚖️ जांच प्रक्रिया भी तय
दुर्व्यवहार की घटना होने पर घटनास्थल को तुरंत सीज किया जाएगा।
दस्तावेज, फर्नीचर जैसे साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं होगी।
घायल कर्मचारी का मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज कराया जाएगा।
जांच इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी।
दो माह के भीतर विवेचना पूरी करना अनिवार्य होगा।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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