उत्तराखंड : पोक्सो मामले में आरोपी साहिल की दूसरी जमानत याचिका खारिज
नैनीताल। विशेष न्यायालय (पोक्सो एक्ट)/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नैनीताल, न्यायाधीश सुधीर तोमर की अदालत ने भवाली क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के मामले में नामजद आरोपी साहिल की द्वितीय जमानत याचिका खारिज कर दी।
भवाली थाने में दर्ज अपराध संख्या 04/2026 के मामले में आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 64, पोक्सो एक्ट तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। आरोपी की ओर से जमानत के लिए दलील दी गई कि पीड़िता ने अदालत में मुख्य परीक्षा और जिरह के दौरान उसे पहचानने से इनकार किया है। बचाव पक्ष ने इसी आधार पर आरोपी को निर्दोष बताते हुए जमानत देने की मांग की।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुशील शर्मा ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि पीड़िता से जन्मे बच्चे के डीएनए सैंपल का आरोपी साहिल के डीएनए से मिलान हुआ है।
अदालत ने आदेश में कहा कि पोक्सो एक्ट से संबंधित अपराधों में नाबालिग की सहमति का कानूनी महत्व नहीं है। अदालत ने डीएनए रिपोर्ट में आरोपी और बच्चे के बीच मिले मिलान को भी मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना।
अदालत ने यह भी पाया कि मामले में फॉरेंसिक विशेषज्ञ, चिकित्सक और विवेचक सहित कई महत्वपूर्ण गवाहों के बयान अभी दर्ज होने बाकी हैं। ऐसे में इस स्तर पर आरोपी को जमानत दिए जाने से अभियोजन साक्ष्य प्रभावित होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
मामले की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों तथा जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी के फरार होने की आशंका को देखते हुए अदालत ने साहिल की द्वितीय जमानत याचिका खारिज कर दी।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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