देहरादून में बड़ा एक्शन: 54 शस्त्र लाइसेंस तत्काल निरस्त -773 बिना यूआईएन लाइसेंस भी रद्द
देहरादून। आयुध (संशोधन) नियम-2019 के तहत एक व्यक्ति द्वारा अधिकतम दो शस्त्र रखने की सीमा तय होने के बाद उत्तराखण्ड शासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में जनपद देहरादून में नियमों का उल्लंघन करने वाले शस्त्र लाइसेंस धारकों पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
गृह मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार आयुध अधिनियम, 1959 की धारा-03 में संशोधन कर एक व्यक्ति के पास अधिकतम दो शस्त्र रखने का प्रावधान किया गया है। शासन के निर्देशों पर देहरादून प्रशासन ने ऐसे सभी शस्त्र लाइसेंस धारकों की समीक्षा की, जिनके पास निर्धारित सीमा से अधिक शस्त्र पाए गए।
जिला प्रशासन द्वारा 26 अप्रैल 2025 को दो से अधिक शस्त्र रखने वाले लाइसेंस धारकों को अतिरिक्त शस्त्र हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद 54 शस्त्र लाइसेंस धारकों ने न तो कोई जवाब दिया और न ही कोई तर्क प्रस्तुत किया। जांच में एनडीएएल-एएलआईएस पोर्टल पर इनके नाम पर दो से अधिक शस्त्र दर्ज पाए गए।
जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद (शूटिंग खेल प्रतियोगिता हेतु स्वीकृत लाइसेंस धारकों को छोड़कर) इन 54 लाइसेंस धारकों के सभी अतिरिक्त शस्त्र और संबंधित लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। साथ ही संबंधित प्रविष्टियों को एनडीएएल-एएलआईएस पोर्टल से भी विलोपित कर दिया गया है।
इसके अलावा उत्तराखण्ड शासन के गृह विभाग द्वारा जारी शासनादेश (3 मई 2017, 9 मार्च 2023 एवं 3 सितम्बर 2025) के अनुपालन में जिला प्रशासन ने बिना यूआईएन (यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर) वाले शस्त्र लाइसेंसों पर भी कड़ा फैसला लिया है।
शासनादेशों के अनुसार 30 जून 2020 के बाद जिन लाइसेंसों में यूआईएन जनरेट नहीं हुआ, उन्हें निरस्त किया जाना था।
बार-बार जारी प्रेस विज्ञप्तियों के बावजूद देहरादून जनपद में अब भी 773 शस्त्र लाइसेंस बिना यूआईएन के एनडीएएल-एएलआईएस पोर्टल पर दर्ज पाए गए। शासनादेशों के अनुपालन में जिला प्रशासन ने इन 773 शस्त्र लाइसेंसों को भी निरस्त कर पोर्टल से विलोपित कर दिया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शस्त्र लाइसेंस संबंधी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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