रेप केस में पीड़िता को ही डराने लगी लालकुआं की महिला दरोगा, एसएसपी ने किया तत्काल सस्पेंड
नैनीताल। लालकुआं कोतवाली में तैनात महिला दरोगा अंजू यादव उर्फ अंजू नेगी को एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने गंभीर आरोपों के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। महिला दरोगा पर रेप समेत कई संगीन धाराओं में दर्ज मुकदमे की विवेचना में आरोपी को बचाने और पीड़िता को प्रताड़ित करने के आरोप सही पाए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बीते वर्ष लालकुआं कोतवाली में एक महिला ने अपने लिव-इन पार्टनर भागवत सरन के खिलाफ बीएनएस की धारा 351(3), 64(2)(एम) और 69 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता का आरोप था कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए और बाद में शादी से इंकार कर दिया।
मामले की जांच महिला दरोगा अंजू नेगी को सौंपी गई थी, लेकिन आरोप है कि वह निष्पक्ष विवेचना करने के बजाय आरोपी को लाभ पहुंचाने लगीं। पीड़िता का कहना है कि दरोगा ने न सिर्फ एकतरफा जांच की, बल्कि उसे धमकाया भी गया। इतना ही नहीं, गिरफ्तारी के स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद आरोपी को समय रहते गिरफ्तार नहीं किया गया, जिससे उसने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत हासिल कर ली।
पीड़िता द्वारा सीधे एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी से शिकायत किए जाने के बाद मामले की आंतरिक जांच कराई गई, जिसमें महिला दरोगा पर लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए। इसके बाद मंगलवार देर शाम एसएसपी ने महिला दरोगा अंजू यादव उर्फ अंजू नेगी को तत्काल सस्पेंड कर दिया। पुलिस विभाग में इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मचा हुआ है, वहीं पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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