बड़ी खबर : सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला:- बिना लिखित कारण गिरफ्तारी अब अवैधानिक
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को बिना लिखित में गिरफ्तारी के कारण बताए गिरफ्तार करना और रिमांड देना असंवैधानिक होगा। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि यह फैसला अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा को मजबूत करेगा।
अब हर गिरफ्तारी में पुलिस को लिखित रूप से और आरोपी की समझ की भाषा में कारण बताना अनिवार्य होगा। केवल मौखिक सूचना पर्याप्त नहीं मानी जाएगी। असाधारण परिस्थिति में भी पुलिस को आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने से कम से कम दो घंटे पहले लिखित कारण देना होगा।
कोर्ट ने कहा कि रिमांड आदेश अवैध गिरफ्तारी को वैध नहीं बना सकता और मजिस्ट्रेटों को यह सुनिश्चित करना होगा कि आरोपी को गिरफ्तारी के लिखित कारण मिले हों। यह फैसला मुंबई के मिहिर राजेश शाह हिट-एंड-रन मामले से जुड़ा है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्णय को पलट दिया।
कानूनी विशेषज्ञों ने इसे मानवाधिकारों की बड़ी जीत बताया है, जो पुलिस और जांच एजेंसियों को मनमानी गिरफ्तारी से रोकेगा। यह निर्णय पीएमएलए और यूएपीए जैसे सख्त कानूनों पर भी लागू होगा।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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