ब्रेकअप के बाद AI से अश्लील तस्वीरें बनाकर पूर्व प्रेमिकाओं को कर रहे ब्लैकमेल -कुमाऊं में 3-4 मामले आए सामने
हल्द्वानी। प्यार में धोखा मिलने के बाद बदला लेने के लिए कुछ युवक अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का दुरुपयोग कर रहे हैं। ब्रेकअप के बाद पूर्व प्रेमिकाओं की सामान्य तस्वीरों को एआई टूल्स की मदद से अश्लील रूप देकर उन्हें बदनाम करने और ब्लैकमेल करने के मामले सामने आए हैं। कुमाऊं मंडल में ऐसे तीन से चार मामले ट्रेस होने की जानकारी है। पिथौरागढ़, हल्द्वानी और रुद्रपुर में सामने आए इन मामलों ने साइबर सुरक्षा और महिलाओं की डिजिटल निजता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के मुताबिक, कुछ युवक रिलेशनशिप के दौरान दो से पांच महीने पहले ली गई सामान्य तस्वीरों को एआई टूल्स के जरिए एडिट कर आपत्तिजनक तस्वीरों और वीडियो में बदल रहे हैं। इसके बाद इन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने, दोस्तों और परिचितों को भेजने या सीधे युवतियों तक पहुंचाने की धमकी दी जा रही है। आरोप है कि युवक पूर्व प्रेमिकाओं पर दोबारा रिश्ते में आने का दबाव बना रहे हैं। इनकार करने पर तस्वीरें सार्वजनिक कर बदनाम करने की धमकी दी जा रही है। इस तरह की घटनाओं से पीड़ित युवतियां मानसिक तनाव से गुजर रही हैं।
पूर्व प्रेमी बना रहे ब्लैकमेलिंग का हथियार
साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर नीरज भाकुनी के अनुसार, पिथौरागढ़ निवासी एक युवती ने साइबर पुलिस से शिकायत की है। युवती ने बताया कि नौकरी के दौरान उसका एक सहकर्मी के साथ प्रेम संबंध था। बाद में दोनों का ब्रेकअप हो गया, लेकिन आरोप है कि पूर्व प्रेमी अब एआई की मदद से उसकी तस्वीरों को आपत्तिजनक रूप देकर उस पर दोबारा रिश्ते में आने का दबाव बना रहा है।
वहीं, साइबर सेल विशेषज्ञ बीएल कुशवाहा ने बताया कि हल्द्वानी के मुखानी क्षेत्र में भी एक युवती से जुड़ा ऐसा मामला सामने आया है। आरोप है कि उसका पूर्व प्रेमी एआई से आपत्तिजनक तस्वीरें बनाकर उसे रिश्ते में लौटने के लिए मजबूर कर रहा है। इसी तरह रुद्रपुर में सिडकुल में काम करने वाली एक युवती को भी उसके पूर्व प्रेमी द्वारा तस्वीरें बनाकर बदनाम करने की धमकी देने का मामला सामने आया है।
250 रुपये या उससे अधिक के ऐप से तैयार कर रहे आपत्तिजनक सामग्री
बताया जा रहा है कि कुछ युवक सामान्य तस्वीरों को अश्लील रूप देने के लिए पैसे देकर एआई टूल्स और ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं। 250 रुपये या इससे अधिक कीमत वाले ऐप के जरिए तस्वीरों को एडिट करने के साथ किसिंग और हगिंग जैसे आपत्तिजनक वीडियो भी तैयार किए जा रहे हैं। इनका इस्तेमाल कथित तौर पर युवतियों को डराने, ब्लैकमेल करने और मानसिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
पिथौरागढ़ में तीन छात्रों पर भी आरोप
पिथौरागढ़ में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले तीन छात्रों पर अश्लील वीडियो डाउनलोड कर कई लोगों को भेजने का आरोप है। मामले का गृह मंत्रालय (एमएचए) ने संज्ञान लिया है। इसके बाद पुलिस मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई में जुटी है। यह मामला भी अश्लील सामग्री के प्रसार से जुड़ा बताया गया है।
साइबर पुलिस ने दी शिकायत दर्ज कराने की सलाह
आईजी साइबर नीलेश आनंद भरणे ने कहा कि एआई आधारित ऐप के माध्यम से आपत्तिजनक तस्वीरें बनाना अपराध की श्रेणी में आता है। साइबर पुलिस ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर रही है और शिकायतों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को इस तरह परेशान या ब्लैकमेल किया जा रहा है तो वह नजदीकी थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराए।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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