दिल्ली :31 साल पुराने रिश्ते का कानूनी अंत-सुप्रीम कोर्ट ने उमर अब्दुल्ला और पायल अब्दुल्ला के तलाक को दी मंजूरी
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और उनकी अलग रह रही पत्नी के विवाह को कानूनी रूप से समाप्त करने की मंजूरी दे दी है। दोनों पक्षों के बीच सभी लंबित विवाद आपसी सहमति से सुलझ जाने के बाद सर्वोच्च अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपने विशेष अधिकारों का प्रयोग करते हुए तलाक की अनुमति दी।
न्यायमूर्ति और न्यायमूर्ति की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है और इससे जुड़े सभी अन्य मामलों को भी वापस लेने पर सहमति बन गई है। अदालत ने संकेत दिया कि इस संबंध में औपचारिक आदेश शीघ्र जारी किया जाएगा।
उमर अब्दुल्ला की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि दोनों ने आपसी मतभेद समाप्त कर लिए हैं और अब अलग-अलग जीवन जीने का निर्णय लिया है। इसी आधार पर अनुच्छेद 142 के तहत विवाह समाप्त करने का अनुरोध किया गया था।
यह मामला उमर अब्दुल्ला की उस याचिका से जुड़ा था, जिसमें उन्होंने पत्नी पर क्रूरता का आरोप लगाते हुए तलाक की मांग की थी। इससे पहले फैमिली कोर्ट और उनकी याचिका खारिज कर चुके थे। वर्ष 2016 में फैमिली कोर्ट ने कहा था कि क्रूरता और परित्याग के आरोप पर्याप्त रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं, जबकि हाई कोर्ट ने भी उस फैसले को बरकरार रखा था।
उमर अब्दुल्ला और पायल अब्दुल्ला का विवाह 1 सितंबर 1994 को हुआ था। दोनों वर्ष 2009 से अलग रह रहे थे और अदालत में दी गई जानकारी के अनुसार वर्ष 2007 के बाद से उनके वैवाहिक संबंध सामान्य नहीं रहे। लगभग 31 वर्ष पुराने इस वैवाहिक संबंध का अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ कानूनी रूप से अंत हो गया।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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