उत्तराखंड…मोबाइल ऐप से ‘हाइजैक’ हो रहे ई-रिक्शे! चलते-चलते रुक रहे वाहन, पुलिस जांच में जुटी

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रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर में ई-रिक्शों के चलते-चलते अचानक बंद होने की घटनाओं ने चालकों और यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर हुई पड़ताल में सामने आया है कि कुछ लोग मोबाइल पर उपलब्ध बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) से जुड़े एक ऐप के जरिए ब्लूटूथ से ई-रिक्शों से कनेक्ट होने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार, कुछ स्कूली छात्रों ने बताया कि स्कूल की छुट्टी के समय बड़ी संख्या में ई-रिक्शे सड़क किनारे खड़े होने से अक्सर जाम लग जाता है। इसी वजह से कुछ छात्र कथित तौर पर ऐसे ऐप का इस्तेमाल करने लगे। यदि यह सच साबित होता है तो यह न केवल गैरकानूनी होगा बल्कि सड़क पर गंभीर दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकता है।

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ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि चलते-चलते वाहन बंद हो जाने से उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है। कई चालकों ने बताया कि यात्रियों को बीच रास्ते में उतरना पड़ता है और बाद में तकनीकी लॉक खुलवाने के लिए सर्विस सेंटर जाकर अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है।

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हाल ही में कुंडेश्वरी क्षेत्र में भी ऐसा ही मामला सामने आया था, जहां दो युवकों पर मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शा बंद करने का आरोप लगा। स्थानीय लोगों ने दोनों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। बताया जा रहा है कि पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया।

रुद्रपुर के सीओ विभव सैनी ने कहा कि संबंधित ऐप और पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं काशीपुर के सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि अभी तक किसी पीड़ित की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन पुलिस अपने स्तर पर ऐसे शरारती तत्वों की पहचान करने में जुटी है।

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पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तकनीकी ऐप का अवैध या गलत इस्तेमाल न करें। ऐसा करना कानूनन अपराध हो सकता है और इससे सड़क सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की तकनीकी और कानूनी पहलुओं से जांच कर रही है।

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