भीमताल में लोक-संगीत का धमाका : इंदर आर्या की धुनों पर झूम उठा ग्राफिक एरा परिसर
भीमताल। ग्राफिक एरेल यूनिवर्सिटी के भीमताल परिसर में उस वक्त माहौल पूरी तरह संगीतमय हो गया, जब कुमाऊँनी लोकगायक इंदर आर्य ने अपनी शानदार लाइव प्रस्तुति से छात्रों को झूमने पर मजबूर कर दिया। शांत वादियों के बीच आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या ने उत्साह, उल्लास और लोकसंस्कृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत से ही छात्रों में जबरदस्त जोश देखने को मिला। जैसे ही इंदर आर्या मंच पर पहुंचे, पूरा परिसर तालियों और नारों से गूंज उठा। अपनी मधुर आवाज और दमदार प्रस्तुति के लिए मशहूर गायक ने एक के बाद एक हिट गीतों से माहौल को चरम पर पहुंचा दिया।
उनका सुपरहिट गीत “गुलाबी शरारा” शुरू होते ही छात्र-छात्राएं झूम उठे और पूरा परिसर एक सुर में गूंजने लगा। इसके बाद “माथू माथू”, “बोल हीरा”, “हे मधु मशकबीन” और “मुखुड़ी बे चुनरी” जैसे गीतों ने कार्यक्रम में रंग जमा दिया। हर प्रस्तुति के साथ छात्रों का उत्साह और बढ़ता गया।
इंदर आर्या की प्रस्तुति सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी बनी। उनके गीतों ने युवाओं में अपनी भाषा, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के प्रति गर्व की भावना को और प्रबल किया।
विश्वविद्यालय द्वारा क्षेत्रीय कलाकारों को मंच देना स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है। इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को न केवल मनोरंजन प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य भी करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में छात्रों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। यह शाम सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यादगार अनुभव बनकर सभी के दिलों में बस गई।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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