प्लास्टिक पर हाईकोर्ट गंभीर, उद्योगों को लगा झटका
नैनीताल। हाईकोर्ट ने राज्य में प्लास्टिक निर्मित कचरे पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने मामले में सीमेंट फैक्ट्री एसोसिएशन व तीन अन्य कंपनियों की ओर से दायर संशोधन प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिए। कोर्ट ने कहा, सीमेंट की बोरियां प्लास्टिक रेशे से बनी होती हैं। जिसके रेशे नालियां चोक करते हैं। और इन बोरियों का उपयोग कर लोग मिट्टी व रेता भरकर दीवार बना रहे हैं। जो पर्यावरण के लिए और भी हानिकारक है।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ में हुई। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 20 फरवरी की तिथि नियत की है। बता दें कि इस मामले में पूर्व में कोर्ट ने 15 दिन के भीतर राज्य प्रदूषण बोर्ड में पंजीकरण कराए जाने के निर्देश दिए थे।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com

पोकस तकनीक से नवजातों को नई जिंदगी की उम्मीद -सुशीला तिवारी अस्पताल में डॉक्टरों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
दि मास्टर्स स्कूल के विद्यार्थियों ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में गाड़े सफलता के झंडे
स्कूल में बेहोश हुआ सातवीं का छात्र, अस्पताल में मौत — परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार, मौत पर उठे सवाल
चितई में जंगल में भटका युवक तीन घंटे बाद सुरक्षित बरामद
99% अंक के साथ प्रकृति पाण्डे ने किया टॉप -इंस्पिरेशन पब्लिक स्कूल का कक्षा 10 का परिणाम रहा शानदार