मेरठ में विकास की रफ्तार को नई गति : पीएम का बड़ा कार्यक्रम -मेरठ मेट्रो रेल सेवा’ का भव्य उद्घाटन
मेरठ, 22 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को मेरठ में ‘नमो भारत ट्रेन’ और ‘मेरठ मेट्रो रेल सेवा’ का भव्य उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर वह कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के साथ एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में रेल संपर्क के तेज विस्तार के लिए सरकार लगातार प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब 12:30 बजे मेरठ में देश की सबसे तेज मानी जा रही ‘मेरठ मेट्रो’ और ‘नमो भारत ट्रेन’ का शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा।
कार्यक्रम का विस्तृत शेड्यूल
जिला प्रशासन के अनुसार—
सुबह 11:00 बजे प्रधानमंत्री हिंडन हवाई अड्डा पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सवा 11 बजे शताब्दी नगर स्टेशन के पास मोहकमपुर हेलीपैड पर पहुंचेंगे।
11:30 बजे प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरेगा, जहां मुख्यमंत्री उनका स्वागत करेंगे।
दोपहर 12:30 बजे शताब्दी नगर स्टेशन से ‘नमो भारत ट्रेन’ और ‘मेरठ मेट्रो’ को हरी झंडी दिखाई जाएगी।
इसके बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री मेट्रो से मेरठ साउथ स्टेशन तक यात्रा करेंगे।
जनसभा और परियोजनाओं का लोकार्पण
इसके पश्चात प्रधानमंत्री मोहिउद्दीनपुर में दोपहर 1 बजे जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले वह कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। कार्यक्रम के बाद वह करीब 2:10 बजे हिंडन हवाई अड्डे के लिए रवाना होंगे।
क्या है ‘नमो भारत’ कॉरिडोर?
‘नमो भारत सेवा’ दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर का हिस्सा है। इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली और मेरठ के बीच तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे यात्रा समय में भारी कमी आएगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com
UP…गरीबी बनी मौत की वजह! मासूम रेप पीड़िता को इलाज से ठुकराने वाले अस्पतालों पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त प्रहार
उत्तराखंड…36 लाख के गबन में डाकपाल दोषी —अदालत ने सुनाई तीन साल की सजा
उत्तराखंड…हाईकोर्ट का सख्त रुख : पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता अवमानना के दोषी –10 दिन में आदेश नहीं माना तो भुगतनी होगी सजा