प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज
प्रयागराज (उप्र), 22 फरवरी। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण के मामले में अदालत के आदेश पर प्रयागराज के झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शनिवार देर रात दर्ज किए गए इस मुकदमे में उनके शिष्य मुकुंदानंद का नाम भी शामिल है।
प्रयागराज की बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अदालत ने शनिवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। यह मामला तब सामने आया जब जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अदालत में दो बच्चों को पेश कर उनके यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो कानून) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने पुलिस की जांच रिपोर्ट और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और अन्य सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश जारी किए।
याचिका भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(4) के तहत दाखिल की गई थी। अदालत ने साक्ष्यों की समीक्षा और पीड़ित बच्चों के बयान दर्ज करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाया गया।
याचिकाकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं—69, 74, 75, 76, 79 और 109—के साथ ही पॉक्सो अधिनियम की धाराओं 3, 5, 9 और 17 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि अदालत के आदेश के बाद झूंसी थाने में मामला दर्ज हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि वह वाराणसी स्थित विद्या मठ के लिए “सनातन यात्रा” निकालेंगे और कथित घटनाओं के साक्ष्य सार्वजनिक करेंगे।
उल्लेखनीय है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हाल ही में प्रयागराज में आयोजित माघ मेला 2026 के दौरान मेला प्रशासन के साथ विवाद को लेकर भी चर्चा में रहे थे। उन्होंने मौनी अमावस्या पर स्नान की अनुमति नहीं मिलने का आरोप लगाया था।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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