एक जुलाई से दिल्ली में पुराने वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

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नईदिल्ली। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीक्यूएम) ने दिल्ली में वायु गुणवत्ता को खराब करने में योगदान देने वाले पुराने वाहनों पर नकेल कसने की तैयारी कर दी है। इस पहल के तहत राष्ट्रीय राजधानी में सभी एंड-ऑफ-लाइफ (ईओएल) वाहनों को 1 जुलाई से फ्यूल स्टेशंस पर पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा। ईओएल वाहनों की पहचान दिल्ली के सभी पेट्रोल पंप पर लगाए गए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरों की मदद से की जाएगी।

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ईओएल वाहनों का पता लगाने के लिए ईंधन स्टेशंस के बाहर लगाए गए एएनपीआर कैमरे वास्तविक समय में लाइसेंस प्लेट नंबर पढ़ते हैं। सिस्टम वाहन डाटाबेस के साथ पंजीकरण प्लेट को क्रॉस-सत्यापित करता है, जिसमें मालिक का विवरण, ईंधन का प्रकार और वाहन की आयु शामिल होती है। अगर, सिस्टम को पता चलता है कि वाहन 10 वर्ष (डीजल) या 15 वर्ष (पेट्रोल) से अधिक पुराना है, तो उसे ईओएल वाहन के रूप में चिह्नित किया जाएगा।

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ईओएल चिह्नित किए जाने के बाद सिस्टम ईंधन स्टेशन संचालक को उसमें ईंधन नहीं भरने के लिए अलर्ट देगा। उल्लंघन को दर्ज किया जाएगा और आगे की कार्रवाई के लिए प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा किया जाएगा, जिसमें ईओएल वाहन को जब्त करना और स्क्रैप करना शामिल है। सीक्यूएम ने बताया कि यह 1 नवंबर से गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और सोनीपत में में भी लागू होगा और 1 अप्रैल, 2026 तक बाकी दिल्ली एनसीआर  में लागू हो जाएगा।

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