नाबालिगों के डेटिंग के दौरान पकड़े जाने पर होनी चाहिए काउंसलिंग, हाईकोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार से मांगा जवाब

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नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़के-लड़कियों के प्यार व डेटिंग के दौरान पकड़े जाने पर लड़के को गिरफ्तार किए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए केंद्र व राज्य सरकार से जबाव दाखिल करने को कहा है । याचिका की सुनवाई मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति रितू बाहरी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में हुई ।हाईकोर्ट की अधिवक्ता मनीषा भंडारी द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि नाबालिग लड़के-लड़कियों के प्यार के मामले में हमेशा दोषी लड़के को माना जाता है । जिनमें कुछ मामलों में लड़की बड़ी होती है तब भी लड़के को ही कस्टडी में लिया जाता है और उसे क्रिमिनल बनाकर जेल में डाल दिया जाता है।

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जबकि उसकी गिरफ्तारी के बजाय काउंसिलिंग होनी चाहिए । ऐसे में जिस उम्र उसे स्कूल कॉलेज होना चाहिये था वह जेल में होता है । ऐसे मामले में जुबेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत ऐसे मामले में लड़के,लड़कियों व परिजनों की काउंसिलिंग की जानी चाहिये । सुनवाई के दौरान कोर्ट के संज्ञान में आया कि हल्द्वानी जेल में ऐसे आरोपों से सम्बंधित 20 बच्चे बन्द हैं  मामले को गम्भीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार से जबाव मांगा है ।

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