ई-गवर्नेंस से पारदर्शी और जनहितकारी बनी शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने शासन-प्रशासन की कार्य प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और जनहित केंद्रित बनाने के लिए ई-गवर्नेंस को मजबूत आधार के रूप में विकसित किया है। डिजिटल व्यवस्था के जरिए न केवल आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है, बल्कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता भी बढ़ी है।
राजधानी देहरादून सहित पूरे राज्य में शुरू की गई विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं और जनहित पोर्टलों के माध्यम से नागरिक अब घर बैठे आवेदन, शिकायतें और सुझाव दर्ज करा रहे हैं। डिजिटल तकनीक के उपयोग से लोगों को सरकारी सेवाओं तक सीधी पहुंच मिली है, जिससे समय और संसाधनों की भी बचत हो रही है।
ई-गवर्नेंस के तहत ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली, जनसुनवाई पोर्टल, डिजिटल प्रमाण पत्र सेवाएं, ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल, आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल, रोजगार प्रयाग पोर्टल, भूदेव ऐप तथा विभागीय एप्स जैसे सीएम हेल्पलाइन 1905, ई-ट्रांसपोर्ट और ‘अपणी सरकार’ पोर्टल नागरिकों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। इन सेवाओं से कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर कम हुए हैं और भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी अंकुश लगा है।
वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत ई-सेवा का लाभ लेने वाले देवेंद्र सिंह के मामले में उनकी पुत्री सोनिया रावत ने बताया कि आय प्रमाण पत्र मात्र 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन प्राप्त हो गया, जिससे उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि प्रशासन डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब अधिक से अधिक प्रमाणपत्र और जनकल्याणकारी योजनाओं के आवेदन ऑनलाइन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिला योजना के अंतर्गत कृषि से जुड़ी सभी योजनाओं की प्रथम चरण की आवेदन प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस प्रणाली शहरी ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के लिए भी प्रभावी साबित हो रही है, जिससे सरकारी सेवाओं की जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है और समयबद्ध निस्तारण संभव हो पा रहा है।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com
UP…गरीबी बनी मौत की वजह! मासूम रेप पीड़िता को इलाज से ठुकराने वाले अस्पतालों पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त प्रहार
उत्तराखंड…36 लाख के गबन में डाकपाल दोषी —अदालत ने सुनाई तीन साल की सजा
उत्तराखंड…हाईकोर्ट का सख्त रुख : पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता अवमानना के दोषी –10 दिन में आदेश नहीं माना तो भुगतनी होगी सजा