ओवरलोडिंग पर सख्त हुआ परिवहन विभाग -गौला खनन में क्षमता से अधिक माल लादने पर लगेगी रोक
हल्द्वानी। नैनीताल जनपद में गौला नदी से खनन सामग्री ढोने वाले वाहनों की ओवरलोडिंग पर अब परिवहन विभाग ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। सम्भागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) हल्द्वानी ने उत्तराखण्ड वन विकास निगम को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी डम्पर या ट्रक में निर्धारित भार क्षमता से अधिक खनन सामग्री न लादी जाए।
आरटीओ अरविन्द पाण्डेय द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि जिलाधिकारी नैनीताल को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि खनन वाहनों में तय क्षमता से अधिक माल भरकर ढुलान किया जा रहा है। साथ ही नैनीताल उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका (पीआईएल) संख्या 24/2023 में दिए गए निर्देशों का भी हवाला दिया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि किसी भी वाहन में उसके पंजीयन प्रमाण पत्र (आरसी) में दर्ज सकल वाहन भार (GVW) से अधिक सामग्री नहीं लादी जा सकती।
परिवहन विभाग के अनुसार गौला खनन मजदूर उत्थान समिति की ओर से भी शिकायत की गई है कि वन विकास निगम के कुछ कार्मिकों द्वारा 250 कुंतल से अधिक वजन लादने की अनुमति दी जा रही है, जो नियमों के विपरीत है। इसके अलावा यह भी सामने आया है कि खनन सामग्री की निकासी रसीद में अब वाहनों की भार क्षमता का उल्लेख नहीं किया जा रहा है, जबकि पहले यह अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाता था।
आरटीओ ने निर्देश दिए हैं कि खनन कार्य में लगे सभी वाहनों और उनमें लादी गई सामग्री का विवरण साप्ताहिक रूप से परिवहन कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए, ताकि निगरानी रखी जा सके।
साथ ही सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारियों (प्रवर्तन) को सड़कों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। ओवरलोडिंग करते पाए जाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी नैनीताल, वन प्रभाग और जिला खनन अधिकारी को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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