uttarakhand-फर्जी मेजर बनकर युवतियों को फंसाता था 20 वर्षीय युवक -देहरादून की एक दर्जन से अधिक युवतियां बनीं शिकार

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देहरादून। सोशल मीडिया पर खुद को पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर बताकर युवतियों को जाल में फंसाने वाले 20 वर्षीय युवक को हल्द्वानी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने देहरादून की एक दर्जन से अधिक युवतियों से संपर्क कर लाखों रुपये ठगने के साथ ही उन्हें ब्लैकमेल करने का प्रयास किया। आरोपी कई युवतियों को मिलने के बहाने हल्द्वानी बुलाने की कोशिश भी कर चुका था।

मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली सूचना के बाद हल्द्वानी पुलिस ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से मामले की जांच शुरू की। जांच के बाद पुलिस ने चंपावत जिले की पाटी तहसील के ग्राम कानीकोट निवासी रोहित सिंह मेहता को गिरफ्तार कर लिया। वह वर्तमान में गोरापड़ाव क्षेत्र में रह रहा था।

पुलिस के मुताबिक आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सेना की वर्दी और हथियारों के साथ अपनी फर्जी तस्वीरें व वीडियो पोस्ट करता था। इसके जरिए वह युवतियों से दोस्ती करता और धीरे-धीरे उन्हें विश्वास में लेता था। वीडियो कॉल के दौरान वह अपना चेहरा नहीं दिखाता था और इसके लिए सेना में मेजर होने के कारण सुरक्षा कारणों से चेहरा नहीं दिखाने का बहाना बनाता था।

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आरोप है कि बातचीत और वीडियो कॉल के दौरान वह युवतियों की निजी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लेता था। बाद में इन्हीं तस्वीरों और वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल कर रुपये ऐंठता था। पुलिस की जांच में उसके मोबाइल फोन से देहरादून, दिल्ली और केरल की 10 से अधिक युवतियों से बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस का मानना है कि पीड़ित युवतियों की संख्या और अधिक हो सकती है।

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सेना में भर्ती नहीं हो पाया तो बना फर्जी मेजर

पूछताछ में सामने आया कि रोहित ने पहले सेना में भर्ती होने का प्रयास किया था, लेकिन शारीरिक दक्षता परीक्षा में दौड़ पूरी नहीं कर पाने के कारण उसका चयन नहीं हो सका। इसके बाद उसने सोशल मीडिया पर खुद को सेना का मेजर बताकर लोगों को प्रभावित करना शुरू कर दिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी कृत्रिम बुद्धिमत्ता और गूगल जेमिनी की मदद से सेना की वर्दी और हथियारों से संबंधित फर्जी तस्वीरें और वीडियो तैयार करता था। इन तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर डालकर वह खुद को सेना का अधिकारी बताता था।

मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर खुला मामला

एक सितंबर को मिलिट्री इंटेलिजेंस ने हल्द्वानी पुलिस को आरोपी की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी दी थी। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजुनाथ टीसी ने एसओजी प्रभारी मोहन सिंह सौन को कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के दौरान आरोपी की गतिविधियों की पुष्टि होने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

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पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड और सेना का फर्जी पहचान पत्र बरामद किया है। मोबाइल फोन की जांच में सेना की वर्दी में आरोपी के कई फोटो और वीडियो भी मिले हैं।

पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया खातों और उसके संपर्क में रहे लोगों की गहन जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने पर फर्जी सैन्य पहचान बनाकर युवतियों को ठगने और ब्लैकमेल करने से जुड़े कई और मामलों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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