उत्तराखंड…आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे पर हाईकोर्ट सख्त –मुख्य सचिव समेत कई विभागों से मांगा जवाब

खबर शेयर करें 👉

नैनीताल। ने राज्य में आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और बच्चों पर हो रहे हमलों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने सहित राज्य और केंद्र सरकार के संबंधित विभागों को जवाबदेह ठहराते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) जनहित याचिका डब्ल्यू.पी.एम.बी./542/2026 पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह कार्यवाही द्वारा 19 मई 2026 को “City Hounded by Strays, Kids Pay Price” मामले में जारी निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  शहीद दीवान सिंह बिष्ट के शहीदी दिवस में शामिल होंगे सांसद अजय भट्ट

खंडपीठ ने राज्य के मुख्य सचिव, संबंधित विभागों के सचिवों, भारत सरकार तथा एनएचएआई को निर्देश दिया है कि वे 7 अगस्त 2026 तक या उससे पहले अपने-अपने अनुपालन हलफनामे न्यायालय में अनिवार्य रूप से दाखिल करें। अदालत ने संकेत दिया कि आवारा कुत्तों और अन्य आवारा पशुओं से आम जनता, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा के लिए किए गए सभी कदमों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करना होगा।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड : राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारत के भविष्य की नई दिशा -संवाद प्रतियोगिता में हिमानी सनवाल प्रथम

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता सुनीति भट्ट, राज्य सरकार की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता पी.एस. बिष्ट तथा एनएचएआई की ओर से अधिवक्ता नरेश पंत उपस्थित रहे।

मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त 2026 को होगी। उस दिन न्यायालय कार्यालय रिपोर्ट के माध्यम से यह समीक्षा करेगा कि सभी संबंधित अधिकारियों और विभागों ने निर्धारित समयसीमा के भीतर अनुपालन हलफनामे दाखिल किए हैं या नहीं। हाईकोर्ट के इस सख्त रुख के बाद अब राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों पर आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान तथा नागरिकों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119